आरडीए ने खत्म की स्ट्राइक, इससे नाराज कुछ डॉक्टर देर शाम आईजीएमसी के बाहर नारेबाजी करते हुए।
हिमाचल प्रदेश में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई है। लिहाजा आज आज अस्पतालों में डॉक्टर तीन दिन बाद ड्यूटी पर लौटेंगे। इससे मरीजों को उपचार मिल सकेगा। रूटीन जांच, टेस्ट और ऑपरेशन हो सकेंगे। बीते तीन दिनों के दौरान इमरजेंसी के अलावा सारे ऑपरेशन
अस्पतालों में मरीज परेशान रहे। दूरदराज से आए मरीजों-तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी में सेवाएं दीं, लेकिन मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
दिल्ली से लौटने के बाद रविवार को सीएम ने रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) को मामले की विस्तृत जांच शुरू करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद आरडीए ने अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली है। आरडीए इस जांच में शामिल रहेगा। आगामी रणनीति 3 जनवरी 2026 को होगी।
IGMC शिमला
कुछ रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल वापस लेने के पक्ष में नहीं
हालांकि, कुछ रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल वापस लेने के फैसले से खुश नहीं है और डॉ. राघव निरूला की बहाली नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने के हक में है। इससे आरडीए दो धड़ों में बंट गई। बीती शाम को आईजीएमसी के बाहर भी डॉक्टर नारेबाजी करते रहे। इससे आईजीएमसी परिसर में माहौल गरमा गया। ऐसे डॉक्टरों का रुख आज देखना होगा।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) के अध्यक्ष सोहेल शर्मा और उनके सहयोगियों ने प्रेस को जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला किया गया है।

डॉक्टरों की स्ट्राइक के दौरान खाली पड़ी OPD
क्या है पूरा मामला
- दरअसल, बीते 22 दिसंबर को IGMC में पल्मोनरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर राघव निरूला द्वारा एक मरीज को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। इसमें मरीज भी डॉक्टर पर लात मारते नजर आ रहा है। मरीज का कहना है कि डॉक्टर ने तू करके बात की। इससे दोनों में झगड़ा हो गया।
- इसके बाद सीएम ने 23 दिसंबर को 24 घंटे के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिए। जांच कमेटी ने भी 24 घंटे के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इसमें डॉक्टर और मरीज दोनों को गलत बताया गया।
- सरकार ने 24 दिसंबर को डॉ. राघव निरूला को टर्मिनेट कर दिया। इस पर डॉक्टर भड़क उठे। यह मामला अब PM मोदी के द्वार भी पहुंच गया है। IGMC के एक डॉक्टर ने PM को पत्र लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच मांगी है। AIIMS दिल्ली के डॉक्टर भी RDA के समर्थन में उतर आए है।
- 26 दिसंबर को सभी डॉक्टर एक दिन के सामूहिक अवकाश पर गए। इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसी दिन सीएम के साथ डॉक्टरों की मीटिंग भी हुई। इसमें सीएम ने डॉक्टरों की सारी मांगे मानने का भरोसा दिया। फिर भी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
- 27 दिसंबर से डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इससे अस्पतालों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है।
- 28 दिसंबर को आईजीएमसी में देर रात तक आरडीए की मीटिंग चली। इसमें हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया।
डॉक्टरों की क्या डिमांड
- डॉक्टरों की मांग है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त की जाए।
- IGMC परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने/ट्रायल की गंभीर घटना मामले में दोषियों के खिलाफ FIR हो।
- डॉ. राघव को जान से मारने की धमकी तथा उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले नरेश दस्ता पर मामला दर्ज हो।
- अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चत की जाए।
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