पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ऑस्ट्रेलिया में रह रही एनआरआई की ओर से पूर्व पति और ससुराल वालों से खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर दाखिल याचिका को भारतीय अदालतों की उदारता का दुरुपयोग माना है। कोर्ट ने याची पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
याचिका दाखिल करते हुए महिला ने बताया था कि वह मूल रूप से पटियाला निवासी है और उसे उसके पूर्व पति और ससुराल वालों से खतरा है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि याची एनआरआई है और वह ऑस्ट्रेलिया में रह रही है। साथ ही उसका पति के साथ विवाद था जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया में उसने पति से तलाक भी ले लिया। 2023 में तलाक से एक सप्ताह पहले उसके पिता ने याची के पति व ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के बाद इस पर आगे कोई कार्रवाई करने की मांग नहीं की गई।
पिता की मौत के बाद याची ने 2025 में अब अचानक उस शिकायत पर आगे कार्रवाई की मांग कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार विदेशी धरती पर आराम से रहते हुए भारतीय अदालतों का दुरुपयोग कर पति व ससुराल वालों को उत्पीड़ित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह अकेला मामला नहीं है जहां इस प्रकार अदालतों का दुरुपयोग विदेशी धरती से पत्नियों द्वारा किया जा रहा हो।
कोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में अदालत याची की भारत में मौजूद सारी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी करना चाहती है लेकिन याची पर रियायत बरतते हुए उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। कोर्ट ने इसमें से 5 लाख पंजाब लीगल सर्विस अथॉरिटी डिजास्टर रिलीफ फंड में, 2 लाख रुपये पीजीआई में गरीब रोगियों के इलाज के लिए, 2 लाख हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के एडवोकेट्स फैमिली वेलफेयर फंड में तथा 1 लाख हाईकोर्ट एम्पलॉयज वेलफेयर एसोसिएशन में सौंपने का आदेश दिया है।