How to Balance Vata, Pitta, and Kapha: क्या आपको पता है कि हर इंसान की सोच, स्वभाव अलग होता है, जिसे आयुर्वेद में प्रकृति कहा गया है. बिलासपुर के आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. मनोज भगत के अनुसार वात, पित्त और कफ दोष जब संतुलन में रहते हैं, तभी शरीर और मन ठीक रहता है. बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और तनाव के कारण यह संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे गैस, कब्ज, एसिडिटी, वजन बढ़ना और अनिद्रा जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं. वातज लोग ज्यादा सक्रिय और दुबले होते हैं, पित्तज लोग तेज दिमाग और गुस्सैल स्वभाव के होते हैं, जबकि कफज लोग शांत और स्थिर होते हैं. यदि व्यक्ति अपनी प्रकृति के अनुसार आहार और दिनचर्या अपनाएं, वीडियो में देखें कि आपकी प्रकृति कौन सी है?
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