लोगों को उम्मीद है कि यह बजट आने वाले वर्षों के लिए विकास की दिशा तय करेगा और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप सामने रखेगा. सरकार ने बजट की तैयारियां पूरी कर ली हैं, ऐसे में आम जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी और किसे कितनी राहत मिलेगी.
लोकल 18 झारखंड ने हजारीबाग जिले के विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत कर उनकी अपेक्षाएं जानीं. बातचीत में शिक्षा, कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए. छात्र रूपेश कुमार ने बताया कि राज्य के कई छात्रों को अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. उन्होंने मांग की कि बजट में छात्रों के लिए विशेष प्रावधान किए जाएं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत मिल सके.
किसान परिवार से जुड़े दीपक सिंह ने कहा कि झारखंड की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए बजट में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं लागू की जानी चाहिए. उन्होंने ‘मैया सम्मान योजना’ में लाभुक महिलाओं की आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग भी की.
फैज अनवर ने कहा कि मैया सम्मान योजना के तहत 20 हजार रुपये सहायता की चर्चा है. यह स्पष्ट होना चाहिए कि यह राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी या बैंक ऋण के माध्यम से. भावेश मिश्रा ने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध राज्य होने के बावजूद किसानों को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है, जो चिंता का विषय है.
सीतेश तिवारी ने बजट प्रबंधन पर जोर देते हुए आय-व्यय संतुलन की जरूरत बताई. उन्होंने रांची और जमशेदपुर के साथ-साथ छोटे शहरों के विकास पर भी ध्यान देने की मांग की. अपराजिता पांडे ने रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर जोर दिया. कुल मिलाकर, जनता को आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं. अब देखना यह होगा कि सरकार इन अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरती है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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