शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति की पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है. टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण गंदा और दूषित पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है. मजबूरी में लोग इसी पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों में कर रहे हैं, जिससे संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
बढ़ा बीमारियों का खतरा
स्थानीय निवासी देवेंद्र सिंह देव का कहना है कि शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति की पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है. टूटी हुई पाइपलाइनों के कारण गंदा और दूषित पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है. मजबूरी में लोग इसी पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों में कर रहे हैं, जिससे संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है.
वाटर सप्लाई प्लांट की स्थिति चिंताजनक
हजारीबाग शहर में छड़वा डैम से जलापूर्ति की जाती है, जहां से पाइपलाइन के माध्यम से हजारों घरों तक पानी पहुंचाया जाता है. हालांकि, छड़वा डैम स्थित वाटर सप्लाई प्लांट की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है. स्थानीय महिला मंजू नंदनी ने बताया कि प्लांट की हालत बद से बदतर हो चुकी है. यहां लगी मशीनें पूरी तरह जर्जर हो गई हैं और पानी के टैंकों में कचरा व गंदगी जमा रहती है. उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार जिले के वरीय पदाधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी जताई चिंता
इस गंभीर समस्या पर सिर्फ आम लोगों ने ही नहीं, बल्कि स्थानीय विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी चिंता जताई है. उन्होंने वाटर सप्लाई प्लांट परिसर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान वहां की बदहाल स्थिति देखकर वे हैरान रह गए. विधायक ने लचर जलापूर्ति व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर शहरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वे नगर निगम से लेकर जिले के वरीय अधिकारियों तक बात करेंगे.
विधायक ने शहरवासियों से की अपील
विधायक प्रदीप प्रसाद ने शहरवासियों से अपील की है कि जब तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक लोग पाइपलाइन से आने वाले संदिग्ध पानी का सेवन न करें. उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं.
सुरक्षित पानी की आपूर्ति का इंतजार
गौरतलब है कि हजारीबाग शहर की बड़ी आबादी पूरी तरह पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर है. पीने से लेकर रोजमर्रा के घरेलू कार्यों तक के लिए इसी पानी का इस्तेमाल किया जाता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार बिना समुचित शुद्धिकरण के ही छड़वा डैम का पानी सीधे घरों तक भेज दिया जाता है, जो नियमों का उल्लंघन है. अब शहरवासियों को प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई और स्वच्छ, सुरक्षित पानी की आपूर्ति का इंतजार है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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