रेवाड़ी के बहाला गांव में बीज दवा विक्रेता मोहन की हत्या सुपारी किलरों ने की थी। हत्या का कारण भी कारोबार से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। अभी तक जांच में इसके संकेत मिले है। हालांकि असली कारण हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ पाएंगे।
योजनाबद्ध तरीके से की हत्या
खाद बीज विक्रेता मोहन की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। ताकि हत्या के बाद आसानी से पुलिस के हाथ कोई सुराग न लग पाए। ऐसे में माना जा रहा है कि बाहर से आए सुपारी किलरों ने ही मोहन की हत्या की थी। सुपारी किसी बाहरी व्यक्ति ने दी थी या फिर इसके पीछे पारिवारिक या नजदीकी व्यक्ति का हाथ है। पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने के करीब पहुंच चुकी है और जल्द ही हत्याकांड का राजा खोल सकती है।
सीसीटीवी में व्यापारी के बाद भागते दिख रहे आरोपी।
छापेमारी के साथ परिवार से भी संपर्क
पुलिस हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। कोसली पुलिस के साथ कोसली और रेवाड़ी सीआईए आरोपियों की तलाश में लगी हुई है। आरोपियों की तलाश के साथ पुलिस मृतक के परिवार, रिश्तेदारों और नजदीकी लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
रिश्तेदारों के भी जुड़े थे कारोबार से तार
जानकारी के अनुसार मोहन का प्रमुख कारोबार दवा और बीज का ही था। इसके अलावा भी कुछ और कारोबार से मोहन का नाम जोड़ा जा रहा है। मोहन के साथ कारोबार में उनका एक रिश्तेदार भी जुड़ा हुआ था। जिससे पुलिस हत्याकांड के अंतिम नतीजे तक पहुंचने से पहले हर एंगल को खंगाल रही है। जिससे हत्याकांड से जुड़ी कोई कड़ी छूट न जाए।

हत्या के बाद अस्पताल में घटना की जानकारी देते डीएसपी विद्यानंद।
23 दिसंबर की शाम की थी हत्या
मंगलवार 23 दिसंबर को मोहन गांव में अपनी दुकान पर बैठा था। उनके साथ बेटा दुष्यंत भी वहीं मौजूद था। शाम करीब चार बजे कार में सवार होकर दो युवक आए। दवा लेने के बहाने मोहन को बुलाया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस को मौके से तीन खोल और एक कंडम कारतूस बरामद हुआ था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे।

हत्या के बाद अस्पताल में मौजूद परिजन और ग्रामीण व बातचीत करते डीसपी।
24 को दिया था 24 घंटे का अल्टीमेट
परिवार ने हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया था। डीएसपी के साथ कई दौर की बातचीत के बाद परिवार माना। परिवार ने इसके साथ आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। पुलिस ने भी 24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
परिवार भी चुप और पुलिस भी खामोश
पुलिस के आश्वासन और परिवार के अल्टीमेट की समय सीमा खत्म होने के दो दिन बीत चुके है। आरोपी अभी भी पुलिस के हाथ नहीं लग पाए हैं। पुलिस अभी भी हत्याकांड पर चुप्पी साधे हुए है। परिवार भी वेट एंड वाच की नीति अपनाए हुए है।
आरोपियों की तलाश जारी
डीएसपी कोसली विद्यानंद ने कहा कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। कुछ सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। सभी कड़ियों को आपस में जोड़ा जा रहा है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के करीब है और गिरफ्तारी के बाद जल्द इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
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