हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने चलाए गए पीछा करो अभियान में नारनौल नगर परिषद के तत्कालीन ईओ के अलावा गुरुग्राम के तत्कालीन सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी सहित तीन लोगों को पकड़ा है। यह गिरफ्तारी 26 दिसंबर को हुई है।
एसीबी गुरुग्राम ने फरार एवं वांछित आरोपियों को पकड़ने के लिए पीछा करो अभियान चलाया था। जिसके तहत एसीबी की टीम ने नारनौल नगर परिषद के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया है।
गुरुग्राम एसीबी द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने संबंधी जारी प्रेस विज्ञप्ति
गलत प्रॉपर्टी आईडी बनाने का आरोप
कृष्ण कुमार पर नगर परिषद नारनौल की प्रापर्टी नागरिक अस्पताल के पास रेलवे लाइन पार वेयरहाउसिंग गोदाम एरिया से सटी भगवान परशुराम कॉलोनी की कृषि योग्य भूमि की गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाने का आरोप है। जब यह फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई, उस समय केके यादव नगर परिषद नारनौल में ईओ के पद पर कार्यरत थे और प्रॉपर्टी आईडी बनाने की लॉगइन पावर उनके पास ही थी।

नारनौल की नगर परिषद
पहले इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में अमीष संघी, निलेश संघी (संघीवाड़ा), नवीन, धीरज व सुभाष पटीकरा, रवि जांगिड़ (केशवनगर), अनुराग मान (मिश्रवाड़ा), ऋषि दत्त (काठमंडी) सहित नगर परिषद के जेई विकास शर्मा, तत्कालीन तहसीलदार विकास तथा अन्य कर्मचारियों के खिलाफ हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम की धारा 10, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 12 तथा आईपीसी की धारा 471, 468, 467, 420, 218 व 120बी के तहत मामला दर्ज है। एसीबी इस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।
गुरुग्राम का ये आरोपी भी गिरफ्तार
वहीं एसीबी ने गुरुग्राम के तत्कालीन सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार को भी इसी अभियान के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी के द्वारा डिपू धारकों से कमीशन के लिए दबाव बनाकर 10 प्रतिशत कमीशन लेने व डिपू होल्डर से आईफोन व एप्पल फोन रिश्वत के तौर पर लेने के आरोप है।
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