2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जनता के मूड को जानने के लिए हमने रानीपुर विधानसभा के लोगों से बातचीत की… इस दौरान हम रानीपुर विधानसभा के इलाके गणपति धाम फेज 3 में पहुंचे. यहां हर तरफ टूटी सड़कें, धूल, मिट्टी का अंबार लगा हुआ है. राहगीर हो या स्कूली बच्चे सभी का चलना दुश्वार है. हमने यहां अलग-अलग लोगों से बातचीत की…
टूटी सड़कें और अधूरे कामों से नाराज़गी
स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिलों से बढ़ी नाराज़गी
रानीपुर विधानसभा के पत्रकार योगेश सक्सैना बताते हैं कि विकास हो सके इस उम्मीद से 4 साल पहले वोट दिए थे लेकिन पूरे क्षेत्र में बिजली के स्मार्ट मीटर और पानी के मीटर लगने से स्थिति खराब हो चुकी है पानी के मीटर लगने से जल विभाग एक महीने में 1000-1500 रुपए कपिल दे रहा है जबकि पहले दो-दो महीने के 40000 तक बिल आए हैं ऐसे ही स्मार्ट मीटर से लोग काफी परेशान हो चुके हैं. स्मार्ट मीटर की रफ्तार इतनी तेज है कि लोग भुखमरी की कगार पर आ गए हैं 2027 में वह महंगाई बेरोजगारी और विकास को लेकर ही वोट करेंगे. दिनेश चंद्र ने बताया कि जनप्रतिनिधि शिक्षित होना चाहिए जिससे वह जनता की समस्याओं को लेकर सोच सके. पिछले करीब 2 साल से सड़कों का इतना बुरा हाल है कि 20 मिनट के रस्ते पर 45 मिनट लगती है. आए दिन उनके क्षेत्र में जंगली जानवरों की दस्तक होती रहती है. ऐसे में कोई जनप्रतिनिधि उनकी समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है.
विकास के नाम पर वोट, 2027 में बदल सकता है रुख
रानीपुर विधानसभा के गणपति डम फेज 3 के निवासी वकील राकेश कुमार बताते हैं कि उन्होंने विकास को लेकर वोट दिया था लेकिन कोई विकास नहीं हुआ. हर तरफ सड़के खुदी पड़ी है जिसे बच्चे, बूढ़ों, स्कूटी, मोटरसाइकिल आदि सभी को निकलने में काफी परेशानी होती है. उन्होंने 4 साल पहले विकास को लेकर वोट दिया था और अब 2027 में वह किसी दूसरी पार्टी को वोट करेंगे ताकि क्षेत्र का संपूर्ण विकास हो सके. वह बताते हैं कि हम विकास के साथ हैं ना कि किसी पार्टी के साथ. रानीपुर विधानसभा क्षेत्र की महिला अमिता भारद्वाज बताती हैं कि कॉलोनी की सड़के नाली ठीक हो यही सोचकर वोट किया था लेकिन विधानसभा के विधायक को इन चार सालों में उन्होंने एक बार भी नहीं देखा. 2027 में जो है केवल क्षेत्र के विकास को देखते हुए वोट करेंगे क्योंकि चुनाव से पहले वादे सभी करते हैं लेकिन जितने के बाद सभी वादे तोड़ देते है.
अधूरे प्रोजेक्ट और धीमी रफ्तार से नाराज़ पूर्व सैनिक
रिटायर्ड सूबेदार राजेंद्र सैनी बताते हैं कि जो विकास कार्य चल रहे हैं चाहे सिविल लाइन को या अन्य उन सभी कार्यों में तेजी आनी चाहिए क्योंकि पिछले कुछ सालों से क्षेत्र में टूटी सदके धूल के अंबार लगे हुए हैं. जगजीतपुर में एक मेडिकल कॉलेज का कार्य पिछले साल पूरा होना था लेकिन अभी तक नहीं हो पाया. 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वह शिक्षा स्वास्थ्य और विकास के कार्यों को देखते हुए वोट करेंगे. गणपति धाम फेज 3 में कोरियर का काम करने वाले शिखर जौहरी बताते हैं कि उन्हें इस क्षेत्र में कोरियर बांटने में बहुत ज्यादा समस्या होती है. रास्ते में इतने गड्ढे हैं कि 5 मिनट के काम में 20 मिनट लग जाती है.
खस्ताहाल सड़कें और उड़ती धूल ने खोली सिस्टम की पोल
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.