हनुमानगढ़ साइबर थाना पुलिस ने ऑपरेशन साइबर क्लीन के तहत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स भी शामिल थे। इस गिरोह के एक सदस्य हरदीप सिंह (29) को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हरदीप सिंह किराए पर बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी में सहयोग कर रहा था। इन खातों में कुल 3 करोड़ 26 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन दर्ज हुआ है। इन खातों से जुड़े 14 राज्यों में कुल 36 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। एक खाताधारक ने खुद इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला गंभीरता से जांच के दायरे में आया।
हनुमानगढ़ एसपी हरिशंकर ने बताया कि आरोपी के पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधे संपर्क के ठोस सबूत मिले हैं। आरोपी की जोन कार्यालय, सीआईडी, श्रीगंगानगर में ज्वाइंट इंटेलिजेंस कमेटी में पूछताछ भी की जा चुकी है। हरदीप सिंह को 6 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे गहन पूछताछ जारी है।
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पुलिस के अनुसार हरदीप सिंह पाकिस्तान से संचालित साइबर फ्रॉड गिरोह के साथ मिलकर काम कर रहा था। वह लोगों को बहला-फुसलाकर उनके बैंक खाते की जानकारी और दस्तावेज हासिल करता था, जिन्हें पाकिस्तानी गिरोह को भेज देता था।
पाकिस्तान में बैठे ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सस्ता सामान बेचने, ‘हर्षा साई फाउंडेशन’ जैसे फर्जी विज्ञापनों के जरिए लोगों को झांसा देते थे। पीड़ितों से पैसे ठगने के बाद राशि आरोपी द्वारा उपलब्ध कराए गए भारतीय बैंक खातों में जमा होती थी।
हरदीप सिंह इन खातों से प्राप्त राशि से यूएसडीटी जैसी इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा खरीदकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को ट्रांसफर कर देता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पाकिस्तानी गिरोह को बैंक खातों के अलावा मोबाइल सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए थे। आरोपी के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद किया, जिनमें 26 बैंक पासबुक, 8 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 8 सिम कार्ड, 3 मोबाइल फोन पाकिस्तान से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं।
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