नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल मंगलवार शाम करीब 2000 गाड़ियों के काफिले के साथ जयपुर की ओर रवाना हुए। सांसद समर्थकों के साथ हाईवे और रेलवे ट्रैक जाम करने निकले थे।
रात करीब साढ़े 9 बजे काफिला नागौर जिले के अंतिम गांव बाड़ी घाटी में टोल के पास हाईवे के किनारे रुक गया। यहां रात करीब 11:30 बजे अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह, नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार और एसपी मृदुल कच्छावा वार्ता करने पहुंचे। प्रशासन की ओर से बेनीवाल को वार्ता के लिए पास के ही एक होटल में बुलाया गया, हालांकि बेनीवाल ने कहा कि अधिकारी यहीं आकर वार्ता करें। इसके बाद बेनीवाल ने अपनी 5 सदस्यीय टीम अधिकारियों से वार्ता के लिए भेजी।
हम मुद्दों की लड़ाई लड़ रहे हैं इससे पहले होटल में बेनीवाल ने कहा- हम मुद्दों की लड़ाई लड़ रहे हैं। मेड़ता और रिया क्षेत्र के किसानों को पिछले साल का बकाया मुआवजा बाजार दर पर देने और गलत तरीके से आवंटित की गई 14,000 बीघा गोचर भूमि के मामले में दोषियों पर एक्शन लिया जाए। उन्होंने कहा- बाड़ी घाटी में अगर वार्ता असफल होती है तो हम निश्चित रूप से जयपुर कूच करेंगे।
संभागीय आयुक्त से बातचीत के बाद बाड़ी घाटी टोल के पास एक होटल में ठहरे हुए हनुमान बेनीवाल।
मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात इससे पहले बेनीवाल मंगलवार को रियांबड़ी में 8 दिन से चल रहे किसानों के आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने प्रशासन को किसानों की मांगों को मानने का 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया। सुनवाई नहीं होने पर 11 किमी दूर NH 59 नागौर-अजमेर हाईवे की ओर निकल पड़े। प्रशासन ने पादुकलां में ही हाईवे पर बेरिकेडिंग कर रखी थी। मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात था। यह देखते हुए सांसद बेनीवाल का काफिला जयपुर की ओर मुड़ गया।
बजरी माफिया का मैंने इलाज किया, लेकिन जनता ने आरएलपी को वोट नहीं दिया इससे पहले बेनीवाल ने कहा- बजरी माफिया का तो मैंने इलाज कर दिया, लेकिन जनता ने RLP का इलाज कर दिया, वोट एक नहीं दिया। ये किया था पिछली बार राजस्थान की जनता ने। अगर समय रहते वोट डालती और आज मेरे 5, 7 या 10 विधायक होते, तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा या राज्यपाल के अभिभाषण की इतनी हिम्मत नहीं होती। मैं उस अभिभाषण को फाड़कर फेंक देता, जैसा मैंने पहले 11 बार किया है।
बेनीवाल ने रैली शुरू होने से पहले युवाओं को हिदायत भी दी। कहा- मेरे से आगे निकलने की कोशिश मत करना। बुजुर्ग पीछे चलेंगे और युवा आगे चलेंगे। उन्होंने कहा- कलेक्टर-अधिकारी कमरों में छिप रहे हैं। बार-बार पेशाब करने जा रहे हैं।
पहले देखिए किसान आंदोलन से जुड़ी तस्वीरें…

नागौर के अंतिम गांव बाड़ी घाटी में बेनीवाल का काफिला रुका। प्रशासन से हो सकती है वार्ता।

तस्वीर पादूकलां गांव की है। हनुमान बेनीवाल को देखने के लिए यहां समर्थकों की भीड़ जुट गई।

हनुमान बेनीवाल ने पादू कलां से अजमेर की ओर रूट डायवर्ट कर लिया।

हाईवे की ओर बढ़ते किसान और RLP समर्थक।

रियांबड़ी किसान रैली में पहुंचे ग्रामीण।

रैली के दौरान RLP जॉइन करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान।

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