Devendra Bora: देवेंद्र सिंह बोरा बागेश्वर जिले की ग्राम सभा मालता के छतीना गांव के निवासी हैं और आज भी वहीं रहते हैं. बेहद सामान्य परिवार से आने वाले देवेंद्र के परिवार का खेल से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं रहा. पिता बलवंत सिंह बोरा छोटे किसान हैं, जो खेती के साथ सब्जी और दूध बेचकर परिवार चलाते हैं.
सामान्य परिवार से आते हैं देवेंद्र बोरा
देवेंद्र सिंह बोरा बागेश्वर जिले की ग्राम सभा मालता के छतीना गांव के निवासी हैं और आज भी वहीं रहते हैं. बेहद सामान्य परिवार से आने वाले देवेंद्र के परिवार का खेल से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं रहा. पिता बलवंत सिंह बोरा छोटे किसान हैं, जो खेती के साथ सब्जी और दूध बेचकर परिवार चलाते हैं. जबकि माता नीमा देवी गृहणी हैं और खेती-बाड़ी व पशुपालन करती हैं.

बचपन से ही था क्रिकेट खेलने का शौक
छोटा भाई बागेश्वर में एक निजी नौकरी करता है. बचपन से ही क्रिकेट के शौकीन देवेंद्र गांव और आसपास होने वाले छोटे-छोटे टूर्नामेंट में खेलते रहे, जहां भी उन्हें क्रिकेट खेलने का मौका मिलता, वे स्कूल से छुट्टी लेकर मैदान में उतर जाते थे. उनकी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय गाड़गांव से हुई. इसके बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज मंडलसेरा से पीसीएम विषयों के साथ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की.
देवेंद्र ने तीसरे मैच में ही रोहित शर्मा को किया आउट
25 वर्षीय देवेंद्र सिंह बोरा उत्तराखंड की ओर से महज तीसरा लिस्ट-ए मुकाबला खेल रहे थे. इससे पहले भी उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के एक मैच में 44 रन देकर 4 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था. अब रोहित शर्मा जैसा बड़ा विकेट लेकर उन्होंने खुद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला दी है. गांव की पगडंडियों और लोकल टूर्नामेंट से शुरू हुआ यह सफर आज देश के बड़े क्रिकेट मंच तक पहुंच चुका है. देवेंद्र सिंह बोरा की यह उपलब्धि न केवल बागेश्वर बल्कि पूरे उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई.
रणजी ट्रॉफी में देवेंद्र ने लिए 30 विकेट
उन्होंने अब तक 15 प्रथम श्रेणी (Ranji Trophy) मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 30 विकेट लिए हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बंगाल के खिलाफ 79 रन देकर 6 विकेट लेना रहा है. देवेन्द्र बोरा ने उत्तराखंड प्रीमियर लीग (UPL) में ‘देहरादून वॉरियर्स’ के लिए खेलते हुए 6 मैचों में 10 विकेट लेकर अपनी पहचान बनाई, जिसके बाद उन्हें राज्य की सीनियर टीम में जगह मिली. वे दाएं हाथ के मध्यम गति (Right-arm medium) के गेंदबाज हैं और अपनी सटीक लाइन-लेंथ के लिए जाने जाते हैं. देवेन्द्र ने अपना प्रथम श्रेणी पदार्पण (Debut) 19 जनवरी 2024 को पुडुचेरी के खिलाफ किया था.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
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