हालांकि, इस महाविद्यालय में भी अभी कई ऐसे प्रमुख विषय हैं, जिनकी पढ़ाई स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर उपलब्ध नहीं है. वहीं, रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित केओ कॉलेज में स्नातक स्तर पर ऑनर्स करने के लिए इंटरमीडिएट में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है. इसके साथ ही नियमित कक्षाएं और उपस्थिति भी जरूरी होती है. ऐसे में आर्थिक, पारिवारिक या नौकरी से जुड़ी जिम्मेदारियों के कारण कई छात्र अपनी आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं.
ऐसे विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. केओ कॉलेज परिसर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का स्टडी सेंटर 3606 संचालित है, जहां जनवरी सत्र 2026 के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में नामांकन लिया जा रहा है. यहां इंटरमीडिएट में 45 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले छात्र भी बीए, बीकॉम और बीएससी के विभिन्न विषयों में ऑनर्स पेपर के साथ सीधे नामांकन ले सकते हैं. सबसे खास बात यह है कि यहां नियमित क्लास या उपस्थिति की कोई अनिवार्यता नहीं है. ऐसे में कामकाजी लोगों या घर की जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई करने वालों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है.
गुमला इग्नू स्टडी सेंटर के कोऑर्डिनेटर डॉ. आशुतोष कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि केओ कॉलेज स्थित इग्नू स्टडी सेंटर 3606 में जनवरी सत्र 2026 के लिए यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में नामांकन शुरू हो चुका है. उन्होंने बताया कि इग्नू में साल में दो बार नामांकन की प्रक्रिया होती है जनवरी सत्र और जुलाई सत्र में. फिलहाल जनवरी सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया चालू है, इसलिए इच्छुक विद्यार्थी जल्द से जल्द नामांकन करा लें.
डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि इग्नू में नामांकन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है. विद्यार्थी अपने मोबाइल फोन, नजदीकी साइबर कैफे या सीधे कॉलेज के इग्नू स्टडी सेंटर आकर भी नामांकन करा सकते हैं. इंटर पास छात्र स्नातक पाठ्यक्रमों में और स्नातक पास विद्यार्थी स्नातकोत्तर यानी मास्टर डिग्री में सीधे नामांकन ले सकते हैं.
उन्होंने आगे बताया कि इग्नू में यूजी और पीजी के अलावा सैकड़ों तरह के कोर्स उपलब्ध हैं. इनमें सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा कोर्स, पीजी डिप्लोमा कोर्स सहित 100 से अधिक विभिन्न पाठ्यक्रम शामिल हैं, जिन्हें विद्यार्थी अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं. वर्तमान समय में न्यूट्रिशन, पीजीडीआरडीए, डिप्लोमा इन हेल्थ एंड एजुकेशन जैसे कोर्स काफी ट्रेंड में हैं.
स्नातक स्तर पर सोशल साइंस से जुड़े लगभग सभी विषयों में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जैसे इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, भूगोल, हिंदी, अंग्रेजी सहित अन्य विषय. इसके साथ ही इन विषयों में मास्टर डिग्री भी की जा सकती है. इग्नू में आमतौर पर रविवार को कक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन उनकी भी कोई अनिवार्यता नहीं है. विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं.
जनवरी सत्र 2026 के लिए नामांकन की अंतिम तिथि फिलहाल 31 जनवरी निर्धारित की गई है. ऐसे में जो भी छात्र-छात्राएं इग्नू से पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे समय रहते नामांकन प्रक्रिया पूरी कर लें.
नामांकन के लिए विद्यार्थी ignou.ac.in वेबसाइट पर जाकर एडमिशन पोर्टल के माध्यम से पहले रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, इसके बाद प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होती है. यदि कोई छात्र मास्टर डिग्री में नामांकन लेना चाहता है, तो उसे मैट्रिक से लेकर ग्रेजुएशन तक की मार्कशीट और सर्टिफिकेट स्कैन कर अपलोड करने होते हैं. इग्नू में किसी भी तरह के मूल दस्तावेज जमा नहीं लिए जाते हैं.
डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि इग्नू दुनिया का सबसे बड़ा ओपन यूनिवर्सिटी सिस्टम है, जो डिस्टेंस एजुकेशन को प्राथमिकता देता है. ऐसे में जो लोग घर पर रहकर या नौकरी के साथ पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए इग्नू एक बेहतरीन विकल्प है. यहां से प्राप्त डिग्री देशभर में मान्य और वैध होती है.
यदि किसी विद्यार्थी को नामांकन या पढ़ाई से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो वे गुमला के केओ कॉलेज परिसर स्थित इग्नू स्टडी सेंटर से संपर्क कर सकते हैं. स्टडी सेंटर में सोमवार से शुक्रवार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक और रविवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक संपर्क किया जा सकता है. शनिवार को स्टडी सेंटर बंद रहता है.
इग्नू की एक और बड़ी खासियत यह है कि विद्यार्थी देश के किसी भी स्टडी सेंटर से नामांकन करा सकते हैं और परीक्षा फॉर्म भरते समय देश के किसी भी रीजनल सेंटर को चुनकर वहां परीक्षा दे सकते हैं. यह सुविधा खासकर उन विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी है, जो पढ़ाई के दौरान किसी अन्य शहर या राज्य में रह रहे होते हैं.
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