गुमला के लघु सिंचाई कार्यालय में कार्यरत अकाउंटेंट राहुल प्रताप को शनिवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की नौ सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई कार्यालय परिसर स्थित उनके आवास पर की, जहां एक ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए उन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने मौके पर राहुल प्रताप से काफी देर तक पूछताछ की। इसके बाद उन्हें लघु सिंचाई कार्यालय लाया गया, जहां संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई। एसीबी के कार्यालय पहुंचते ही परिसर में अफरातफरी मच गई। कई कर्मचारी कार्यालय से बाहर निकल गए, जबकि कुछ कर्मी स्थिति को लेकर असहज दिखे। यह भी सामने आया है कि राहुल प्रताप का स्थानांतरण 31 जुलाई 2025 को लोहरदगा कर दिया गया था। हालांकि, उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया था। बताया जा रहा है कि कार्यपालक अभियंता द्वारा विरमित न किए जाने के कारण वे अब भी कार्यालय से जुड़े कार्यों का निष्पादन कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, शहर के एसएस बालिका विद्यालय, गुमला में संचालित एक योजना के भुगतान से संबंधित चेक काटने के एवज में राहुल प्रताप ने रिश्वत की मांग की थी। इससे परेशान होकर संबंधित ठेकेदार ने एसीबी से संपर्क कर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।
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