जिले के माड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जीर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो रहा है। यहां एक व्यक्ति को जिंदा रहते हुए सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। पीड़ित चंद्रबली पटेल ने अपने हाथों में पोस्टर लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन दे कर आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 में जनपद पंचायत वैढ़न के अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत से उन्हें मृत घोषित कर दिया गया और संबंधित मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
‘मैं पूरी तरह से स्वस्थ’
चंद्रबली पटेल का कहना है कि वे वर्तमान में पूरी तरह से स्वस्थ हैं और सांस ले रहे हैं, कामकाज कर रहे हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं, लेकिन सरकारी फाइलों में उनका नाम ‘स्वर्गवासी’ दर्शाया गया है।
पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित चंद्रबली पटेल ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी अजोरिया पटेल ने जनपद पंचायत के पदाधिकारियों के साथ मिलकर शासन द्वारा जारी राशि का गलत उपयोग किया और करोड़ों रुपए का गबन किया। आरोप है कि मृत घोषित पति के नाम पर वृद्धा पेंशन भी उठाई जा रही थी।
मृत दिखा हुआ पैसों का हेरफेर
चंद्रबली पटेल के आवेदन में बताया गया कि तत्कालीन सरपंच, सचिव, उपसरपंच और पंचायत कार्यपालन पदाधिकारी ने उनके सरकारी रिकॉर्ड में जिंदा व्यक्ति को मृत दिखा दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ एफआईआर, गबन की राशि की रिकवरी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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प्रशासन ने लिया मामला गंभीरता से
जिला कलेक्टर गौरव बैनल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला पंचायत के CEO को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूर्ण तहकीकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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