झारखंड के गोड्डा जिले की पुतुल देवी ने जैविक तकनीक से फूलगोभी की खेती कर मिसाल पेश की है. उन्होंने मात्र ₹1 प्रति पौधे की लागत से 5,000 पौधे लगाए और तीन महीनों में ₹1.5 लाख से अधिक का मुनाफा कमाया. जैविक खाद के उपयोग से उन्होंने कम लागत में बंपर और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल किया है.
पुतुल बताती हैं कि उन्होंने महज 1 रुपये प्रति पौधे की लागत से फूल गोभी की खेती शुरू की थी. कुल मिलाकर उन्होंने करीब 5000 पौधे अपने खेत में लगाए. हैरानी की बात यह है कि सिर्फ तीन महीने के अंदर ही इन 5000 गोभी से उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपये की कमाई हो चुकी है, जबकि अभी 20 से 30 हजार रुपये और आमदनी होना बाकी है.
सबसे खास बात यह है कि पुतुल ने पूरी खेती जैविक माध्यम से की है. उन्होंने बताया कि उन्होंने 1 रुपये प्रति पीस की दर से बीज खरीदे और खेत की तैयारी के दौरान सुपर कंपोस्ट का इस्तेमाल किया. इसके बाद 2 फीट की दूरी पर पौधों की रोपाई की गई, ताकि पौधों को भरपूर जगह और पोषण मिल सके.
जैविक तरीके से की खेती
फसल की देखभाल को लेकर पुतुल ने पूरी तरह जैविक तरीकों को अपनाया. उन्होंने बताया कि रोपाई के बाद 10 से 15 दिनों के अंतराल पर “आग्नेयास्त्र” नामक जैविक दवाई का छिड़काव किया गया. यह दवाई पौधों को कीट-पतंगों से सुरक्षित रखने में मदद करती है और फसल को नुकसान से बचाती है. इसके अलावा सभी पौधों में जीवामृत का प्रयोग किया गया, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रही और पौधों की वृद्धि तेज हुई.
पुतुल के अनुसार, जैविक खेती करने से न केवल उत्पादन बेहतर हुआ, बल्कि फूल गोभी की गुणवत्ता भी काफी अच्छी रही. इसी वजह से बाजार में फूल गोभी की मांग ज्यादा रही और उन्हें अच्छी कीमत मिली. उन्होंने बताया कि उन्होंने हाईब्रिड किस्म की फूल गोभी की खेती की, जिससे उत्पादन और मुनाफा दोनों में बढ़ोतरी हुई.
अन्य किसान भी प्रेरित
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि पुतुल की यह सफलता अन्य महिला किसानों के लिए प्रेरणा है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान जैविक खेती और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं, तो कम लागत में भी अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है.
पुतुल की कहानी यह दर्शाती है कि महिला किसान भी आधुनिक और जैविक खेती के जरिए आत्मनिर्भर बन सकती हैं. गोड्डा जिले में पुतुल की जैविक फूल गोभी की खेती अब सफलता की मिसाल बन चुकी है.
About the Author
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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