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Godda fair news: मीठी गोली लोगों के बचपन की यादों से जुड़ी है. हालांकि समय के साथ इन गोलियों की कीमतों में भी बदलाव आया है. जहां एक दौर में ये गोलियां 25 से 50 पैसे में मिल जाया करती थीं, वहीं अब इनकी कीमत 30 से 40 रुपये तक पहुंच गई है. इसके बावजूद लोगों की रुचि में कोई कमी नहीं दिख रही है.
गोड्डा: जिले के ऊर्जानगर में लगे स्वदेशी मेले ने इस बार लोगों को केवल खरीदारी का मौका ही नहीं दिया, बल्कि बचपन की मीठी यादों में भी लौटा दिया है. मेले में लगाए गए एक खास स्टॉल पर मिलने वाली खट्टी-मीठी गोलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. जैसे ही लोग इस स्टॉल के पास पहुंचते हैं, आंखों के सामने स्कूल के दिन, जेब में रखे चवन्नी-पचन्नी और दोस्तों के साथ बांटी गई गोलियों की यादें ताजा हो जाती हैं.
मिठ्ठी गोली का बढ़ गया रेट
इस स्टॉल पर अमचूर, हाजमोला, टकिया, चॉकलेट समेत कई तरह की पारंपरिक गोलियां उपलब्ध हैं. इन गोलियों का स्वाद ऐसा है कि बच्चे ही नहीं, बल्कि युवा और बुजुर्ग भी खुद को खरीदने से रोक नहीं पा रहे हैं. हालांकि समय के साथ इन गोलियों की कीमतों में भी बदलाव आया है. जहां एक दौर में ये गोलियां 25 से 50 पैसे में मिल जाया करती थीं, वहीं अब इनकी कीमत 30 से 40 रुपये तक पहुंच गई है. इसके बावजूद लोगों की रुचि में कोई कमी नहीं दिख रही है.
स्टॉल संचालक लक्ष्मण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वे मध्यप्रदेश से यहां आए हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 40 से 50 प्रकार की अलग-अलग वैरायटी में माउथ फ्रेशनर, खट्टी-मीठी गोलियां और स्वास्थ्य से जुड़ी कई अनोखी चीजें उपलब्ध हैं. लक्ष्मण कुमार का कहना है कि आज के समय में लोग आधुनिक चॉकलेट और फास्ट फूड के बीच अपने पुराने स्वाद को ढूंढते हैं, और यही कारण है कि उनकी यह स्टॉल लोगों को खासा पसंद आ रही है.
बचपन का आ गया याद
मेले में खरीदारी करने पहुंचे रिजवान ने बताया कि इस बार शिल्प उत्सव मेले में यह स्टॉल बिल्कुल अलग और अनोखी है. उन्होंने कहा कि इन गोलियों का स्वाद उन्हें सीधे बचपन में ले जाता है, जब स्कूल से लौटते वक्त ऐसी गोलियां खरीदना एक छोटी-सी खुशी हुआ करती थी.रिजवान ने यह भी कहा कि आज के बच्चों को भी अपने माता-पिता के बचपन के स्वाद से परिचित कराने का यह एक अच्छा मौका है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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