गिरिडीह सदर अस्पताल परिसर में आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन सोमवार को तेज हो गया। इस आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली, जब डुमरी विधायक जयराम महतो स्वयं धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें अपने पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। इस दौरान जयराम महतो ने धरनास्थल से ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मंत्री से आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। जयराम महतो ने मंत्री को बताया कि वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने वाले ये कर्मचारी आज अपने हक और अधिकार के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह से न्यायसंगत: जयराम महतो कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की आठ सूत्री मांगें पूरी तरह से न्यायसंगत हैं और इन्हें तत्काल स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मानदेय भुगतान, ईएसआई-पीएफ, सेवा सुरक्षा और बकाया वेतन सहित सभी मांगों पर त्वरित निर्णय लेने की मांग रखी। धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, कार्य का अत्यधिक दबाव रहता है, सुरक्षा की कमी है और उनका भविष्य अनिश्चित है। विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की इस हड़ताल के कारण सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हो रही हैं, जिससे मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका धरना और हड़ताल जारी रहेगी।
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