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Stray Dog Free Society Ghaziabad : इस शेल्टर में कुत्तों के लिए भोजन, साफ पानी और सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का इंतजाम किया गया है. AOA और डॉग लवर्स उनकी देखभाल कर रहे हैं. जानवरों के साथ कोई अन्याय न हो और इंसानों की सुरक्षा भी बनी रहे, इसका ध्यान रखा गया है. शिप्रा कृष्ण विष्टा सोसाइटी के मुताबिक, पहले हालात बेहद डरावने थे. लावारिस कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आती रहती थीं. बच्चों और बुजुर्गों को लेकर डर का माहौल बन गया था.
गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में लावारिस कुत्तों की समस्या अब केवल परेशानी नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि साल 2025 में जिले में डॉग बाइट के करीब 1.38 लाख मामले सामने आए. हालात ऐसे हैं कि गली-मोहल्लों से लेकर पॉश कॉलोनियों और हाई-राइज सोसाइटियों तक लोग डर के साए में जीने को मजबूर रहे. कई जगहों पर इस समस्या को लेकर प्रदर्शन भी हुए लेकिन समाधान निकलता नहीं दिख रहा था. इसी बीच गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसाइटी ने एक ऐसी पहल की जो अब पूरे दिल्ली-एनसीआर में चर्चा का विषय बन गई है. करीब 950 फ्लैट्स वाली इस सोसाइटी में बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं. सोसाइटी ने अपने परिसर को पूरी तरह स्ट्रे डॉग्स फ्री बना दिया है. खास बात यह रही कि इस फैसले को लागू करने में सोसाइटी के डॉग लवर्स और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) ने आपसी सहमति और सहयोग के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई.
कई बैठकों का नतीजा
सोसाइटी में मौजूद सभी स्ट्रीट डॉग्स को परिसर के बाहर बनाए गए एक सुरक्षित शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया. इस शेल्टर में कुत्तों के लिए नियमित भोजन, साफ पानी और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था की गई है. AOA और डॉग लवर्स मिलकर उनकी देखभाल कर रहे हैं ताकि जानवरों के साथ कोई अन्याय न हो और इंसानों की सुरक्षा भी बनी रहे. शिप्रा कृष्ण विष्टा सोसाइटी के AOA अध्यक्ष रियर एडमिरल (रिटायर्ड) बलविंदर सिंह परिहार बताते हैं कि पहले हालात बेहद डरावने थे. लावारिस कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आती रहती थीं. यहां तक कि एक गर्भवती महिला पर हमला होने का मामला भी सामने आया. लगातार मिल रही शिकायतों और निवासियों की चिंता को देखते हुए डॉग लवर्स के साथ कई बैठकें की गईं.
मॉर्निंग वॉक दोबारा शुरू
लंबी चर्चा के बाद यह सहमति बनी कि कुत्तों को हटाने के बजाय उनके लिए सुरक्षित शेल्टर बनाया जाए. इस पहल का असर अब साफ दिख रहा है. सोसाइटी के बुजुर्ग और बच्चे बिना डर के पार्क में घूम रहे हैं. मॉर्निंग वॉक दोबारा शुरू हो गई है और लोगों के चेहरे पर सुकून नजर आता है. सोसाइटी निवासी बुर्जुग मंजू भाटिया कहती हैं कि इस सोसाइटी में रहने आई हैं तब से ही यहां आवारा कुत्तों का डर बना हुआ था. हालात ऐसे थे कि कुत्तों के भय के कारण उनकी बेटी भी उनसे मिलने नहीं आ पाती थी. बुजुर्गों के लिए टहलना मुश्किल था और बच्चे पार्क जाने से डरते थे. हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती थी. AOA और डॉग लवर्स द्वारा लिया गया फैसला बेहद सराहनीय है. यह कदम लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ जानवरों के प्रति संवेदनशीलता भी दिखाता है.
मुश्किल हो गया
मंजू भाटिया का मानना है कि दूसरी सोसाइटियों को भी ऐसा मॉडल अपनाना चाहिए ताकि निवासी खुद को सुरक्षित और निश्चिंत महसूस कर सकें. सोसाइटी निवासी मनीष सिसोदिया ने बताया कि कुछ समय पहले स्कूल जाते वक्त उनकी बेटी पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था. इस घटना के बाद घर में बच्चों और बुजुर्गों को लेकर डर का माहौल बन गया था. हालात ऐसे थे कि बच्चों को अकेले बाहर भेजना मुश्किल हो गया था और बुजुर्ग भी घर से निकलने में हिचकते थे. सोसाइटी के पूरी तरह डॉग्स फ्री होने के बाद माहौल बदल गया है. अब बच्चे अपने दोस्तों के साथ सुरक्षित माहौल में खेल पा रहे हैं और बुजुर्ग निश्चिंत होकर पार्कों में घूम सकते हैं. मनीष सिसोदिया के अनुसार AOA और डॉग लवर्स का फैसला सराहनीय है. दिल्ली-एनसीआर की कई दूसरी सोसाइटियों की AOA इस मॉडल को अपनाने के लिए संपर्क कर रही हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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