127 कारतूस और 8 मैगजीन भी बरामद कीं
अधिकारी ने बताया कि जब्त की गई वस्तुओं में दो इंसास राइफलें, एक 303 राइफल, एक देसी पिस्तौल, एक ‘सुरका’ (देसी बैरल ग्रेनेड लॉन्चर), 12-बोर की दो बंदूक, दो ‘सिंगल-शॉट’ हथियार, 127 कारतूस, आठ मैगजीन, 22 बीजीएल गोले, बिजली के तार का एक बंडल और माओवादियों की तकनीकी टीम की हथियार कार्यशाला में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण शामिल हैं.
पुलिस अधिकारी की तरफ से बताया गया है कि आयुध कार्यशाला का संचालन भाकपा (माओवादी) केंद्रीय समिति के तीन सदस्यों की देखरेख में किया जा रहा था, जो पिछले साल अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए थे. माओवादियों की तकनीकी टीम देसी बम एवं देसी हथियार बनाती थी.यह जब्ती गरियाबंद पुलिस द्वारा पिछले डेढ़ साल से चलाए जा रहे नक्सल रोधी ‘ऑपरेशन विराट’ के बीच हुई है.
पुलिस अधिकारी की तरफ से यह भी दावा किया गया है कि हथियारों के जखीरे की बरामदगी के साथ, इस क्षेत्र में माओवादी हिंसा के दोबारा होने की संभावना ‘लगभग शून्य’ हो गई है. जनवरी 2025 से सुरक्षाबलों ने जिले में माओवादियों से 28 स्वचालित हथियार और 29 अन्य आग्नेयास्त्र, 240 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 17 गैर-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, सात आईईडी और लगभग 100 मीटर कॉर्डेक्स तार जब्त किए हैं.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.