भारत और यूरोप के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का सबसे बड़ा फायदा अब लुधियाना की होजरी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलता नजर आ रहा है। एफटीए के बाद भारतीय कंपनियों को यूरोप में आसान और सस्ता मार्केट मिलेगा, जिससे एक्सपोर्ट में तेज़ी आएगी। अब तक इम्पोर्ट ड्यूटी के कारण लुधियाना की इंडस्ट्री को बांग्लादेश, चीन और पाकिस्तान से कड़ी प्रतिस्पर्धा झेलनी पड़ रही थी। इन देशों को जहां कस्टम ड्यूटी फ्री एक्सेस मिला हुआ था, वहीं भारत को ड्यूटी चुकानी पड़ती थी, जिससे भारतीय प्रोडक्ट महंगे पड़ते थे। इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि 2027 तक लुधियाना से एक्सपोर्ट दोगुना हो सकता है। इसके साथ ही शहर में रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यही वजह है कि टेक्सटाइल और होजरी इंडस्ट्री अब यूरोपियन स्टाइल और डिज़ाइन के कपड़े तैयार करने में जुट गई है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री 30 लाख डॉलर, तो साइकिल इंडस्ट्री का एक्सपोर्ट 15 हजार करोड़ पहुंचने की उम्मीद गंगा वूलन्स के डायरेक्टर अमित थापर ने बताया कि लुधियाना की टेक्सटाइल इंडस्ट्री आने वाले समय में तेज़ी से ग्रोथ करेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल जहां एक्सपोर्ट करीब 6 मिलियन डॉलर का है, वहीं आने वाले वर्षों में यह बढ़कर 30 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यूरोप से आने वाला कच्चा माल और मशीनरी अब सस्ती होगी, जिससे लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। चरणजीत सिंह विश्वकर्मा साइकिल इंडस्ट्री कारोबारी ने बताया कि यूरोप के हिसाब से हाई एंड साइकिल बनाने वाली शहर की इंडस्ट्री बहुत कम है। अब साइकिल इंडस्ट्री इस और ज्यादा ध्यान देगी और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड मेंटेन करेगी। कुल मिलाकर, एफटीए ने लुधियाना की इंडस्ट्री के लिए नई उम्मीद, नया बाज़ार और नया रोज़गार खोल दिया है। {वहीं यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स एसोसिएशन के प्रधान हरसिमरजीत सिंह लक्की ने कहा कि साइकिल इंडस्ट्री पर भी सरकारों को विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि यदि सही समर्थन मिला, तो साइकिल इंडस्ट्री अकेले 15 हजार करोड़ रुपए तक का एक्सपोर्ट कर सकती है। निटवियर क्लब के प्रधान दर्शन डावर ने बताया कि पिछले दस सालों से इंडस्ट्री इस फ्री ट्रेड एग्रीमैंट होने के दिन का इंतजार कर रही थी। अब जब कस्टम ड्यूटी फ्री एक्सेस मिल गया है, तो हर इंडस्ट्री यूरोपियन मार्केट के मुताबिक डिज़ाइन, क्वालिटी और स्टैंडर्ड पर काम करेगी। निटवियर क्लब के चेयरमैन विनोद थापर ने कहा कि एफटीए के बाद लुधियाना में इतनी तेज़ी आएगी कि यहां बना प्रोडक्ट अब सीधे यूरोप की मार्केट में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि जो नुकसान पहले बांग्लादेश और चीन के कारण होता था, अब उसी बाज़ार में भारतीय कंपनियां पूरी ताकत से मुकाबला करेंगी। मोंटी कार्लो फैशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप जैन ने कहा कि काफी समय से इंडस्ट्री की मांग थी कि भारत को भी ड्यूटी फ्री एक्सेस दिया जाए, ताकि पंजाब की होजरी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री दूसरे देशों के बराबर खड़ी हो सके। केंद्र सरकार का यह फैसला पूरी होजरी इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
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