महिला लिपिक जो कि वर्तमान में सस्पेंड चल रही है, ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के अनुसार पूर्व एसएचओ सुरेंद्र मलिक और दो अन्य लोगों ने उसे साजिश के तहत हनीट्रैप में फंसाया और मामला रफा-दफा करने के लिए 15 लाख रुपए का सौदा करने का दबाव बनाया गया। महिला का दावा है कि उसने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत और दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं, लेकिन उसे ही झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया।
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महिला के पति ने बताया कि यह प्रताड़ना साल 2020 से चल रही है। होलावास निवासी बुधराम (बिजली ठेकेदार) ने नौकरी लगाने के नाम पर विश्वास जीता और बाद में महिला के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पति का आरोप है कि आरोपियों ने पत्नी से 2019 से 2021 के बीच करीब 20 लाख रुपए भी ऐंठ लिए। जब पुलिस में शिकायत की गई, तो तत्कालीन एसएचओ ने कार्रवाई करने के बजाय जबरन राजीनामा करवा दिया और बाद में आरोपियों के साथ मिल गए।
महिला का आरोप है कि वर्तमान में पूरा पुलिस महकमा अपने पूर्व अधिकारी सुरेंद्र मलिक को बचाने में जुटा है। महिला ने रोते हुए कहा कि आरोपी खुलेआम उसका वीडियो लोगों को दिखाकर उसे मानसिक रूप से तोड़ रहे हैं लेकिन उच्च अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शिवाजी पार्क थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने नारायणपुर थाने में मामला दर्ज कराया है। फिलहाल महिला से लिखित शिकायत ली जा रही है और मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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