गिरफ्तार आरोपियों में महिलाएं भी शामिल है।
खाटूश्यामजी में लगातार बढ़ती जा रही चेन स्नेचिंग की घटनाओं के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने गैंग के एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पति-पत्नी और रिश्तेदार शामिल है। नए साल के मौके पर पुलिस ने प्लानिंग के तहत भ
SHO पवन कुमार चौबे ने बताया कि पूर्व में एकादशी और मासिक मेले के दौरान चेन स्नेचिंग,जेब काटने की कई घटनाएं सामने आई थी। ऐसे में इस बार नए साल के मौके पर DST टीम के इंचार्ज वीरेंद्र यादव,कैलाश चंद यादव और टीम के साथ मिलकर प्लानिंग की गई।
दर्शनों के एंट्री एरिया से लेकर एग्जिट एरिया तक सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। जिन्होंने पूर्व में हो चुकी घटनाओं के तरीके पर नजर रखी गई। जैसे ही पुलिस को कुछ संदिग्ध नजर आया उसके आधार पर पुलिस ने गैंग के लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने इस तरह की वारदातें करना कबूल किया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए गैंग के पुरुष सदस्य।
इसके बाद आरोपी भूमिका (20) पत्नी दीपक निवासी नरेडा पटोदी,पिंकी(27)पत्नी मनोज बावरिया निवासी बहरोड,पूजा(28) पत्नी सोनू निवासी नरेडा,टीना(29) पत्नी विकास निवासी नरेडा,शर्मिला (37) पत्नी रामचंद्र निवासी नरेडा,ज्योति (30) पत्नी राजकुमार निवासी फिरोजपुर,काजल (20) पुत्री सुंदरलाल निवासी झज्जर, राखी कुमारी (23)पुत्री रमेश निवासी गाजियाबाद,दर्शना(40) पत्नी राजू निवासी गाजियाबाद,कोमल(22) पुत्र रामानंद निवासी नरेडा,जयपाल(62) पुत्र चंद्रभान निवासी फिरोजपुर,राजकुमार (30) पुत्र जयपाल निवासी फिरोजपुर,जयकरण (34) पुत्र रमेश निवासी हरियाणा,मोहनसिंह (24) पुत्र भूपसिंह निवासी नरेडा,दीपक (22) पुत्र राजू निवासी नरेडा,भरतपाल(21) पुत्र राजेश निवासी नरेडा,रोहित (24) पुत्र किशनपाल, प्रवीण चौहान (23) पुत्र उम्मेद सिंह निवासी नरेडा को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों में भूमिका-दीपक पति-पत्नी है। इसके अलावा सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार है जो बावरिया जाति के हैं।
सभी आरोपी मिलकर एक गैंग के रूप में काम करते हैं। इनमें महिलाएं तो एक ग्रुप बनाकर टारगेट के चारों ओर फैल जाती है। इसके बाद उन्हें बातों में लगाकर उनसे सोने की चेन तोड़ने जैसी वारदात करती है। मौका पाकर महिलाएं या तो वहां से फरार हो जाती है। या फिर वारदात करने के तुरंत बाद अपने पुरुष साथियों को चेन सौंप देती है जिससे कि यदि महिलाएं पकड़ में भी आ जाए तो उनसे चेन बरामद नहीं हो सके।
बता दें कि इस गैंग के लोग खाटूश्यामजी में पिछले करीब सात-आठ महीने से एक्टिव थे। जो हर महीने की एकादशी जैसे भीड़भाड़ वाले दिन यहां पर वारदात करने के लिए गाड़ी किराए पर लेकर आते। वारदात करने के बाद सभी लोग यहां से फरार हो जाते। खाटू में भीड़ की वजह से इन आरोपियों का पता भी नहीं चल पाता।
खाटूश्यामजी में यह लोग मंदिर एग्जिट एरिया,मुख्य मंदिर परिसर जैसे भीड़भाड़ वाले जगह पर वारदात करते थे। और मौका पाकर तुरंत वहां से फरार हो जाते थे। SHO पवन कुमार चौबे ने बताया कि इस बार इतनी भीड़ होने के बावजूद भी चेन स्नेचिंग की एक भी घटना नहीं हुई।
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