महराजगंज। शहर में रविवार की दोपहर तक जहां कोहरे का बोलबाला रहा वहीं लगभग एक बजे के बाद खिली धूप राहत देने में विफल रही। कोहरा व बादलों के कारण आबोहवा में दृश्यता कम बनी रही। शाम चार बजे तक धूप के बाद लगभग 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली पछुआ ने ठिठुरन बांटने में कोई कमी नहीं महसूस होने दी। अधिकतम तापमान 22 व न्यूनतम 10 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है।
तराई के लोग फरवरी में ठिठुरन वाली ठंड झेलने को मजबूर हैं। बारिश के साथ सर्द पछुआ के चलते घने कोहरे के कारण न सिर्फ दृश्यता प्रभावित हो रही, बल्कि इससे टकराने वाली पछुआ शीतलहर का अहसास करा रही है। धूप निकलने के बाद लोगों को राहत नहीं मिल रही। ठिठुरन के कारण आवागमन में भी दुश्वारी बढ़ी है। शनिवार को दर शाम बढ़ा कोहरा दूसरे दिन रविवार दोपहर तक बरकरार रहा। इससे टकराने वाली पछुआ दोपहर तक शीतलहर सरीखी बनी रही। दोपहर के बाद हल्की धूप जरूर खिल गई लेकिन यह सर्दी से राहत देने में विफल रही। दृश्यता की स्थिति भी पूरे दिन कमजोर बनी रही। शाम चार बजे के बाद सर्द हवाओं के कारण कंपकंपी महसूस की गई। वहीं देर शाम कोहरा का दायरा मजबूत होता गया।
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