Faridabad wheat farmers : मंझावली गांव के किसान मुश्किलों में फंसे हैं. एक गलती से उनके खेत पानी में डूब गए हैं. गेहूं की फसल सड़ रही है. कई बार शिकायत के बावजूद राहत नहीं मिली. गेहूं में सिंचाई दो-तीन बार ही करनी पड़ती है. लेकिन यहां हालात उल्टे हैं. खेत में पानी ही पानी है. जड़ें गल रही हैं. पौधे पीले पड़ने लगे हैं. पहले यहां सूरजमुखी, मटर और कई सब्जियां खूब होती थीं. अब हालात ऐसे हैं कि ये फसलें लगभग गायब हो चुकी हैं.
सुमित कहते हैं कि गेहूं को ज्यादा पानी चाहिए ही नहीं. आमतौर पर सिंचाई दो-तीन बार ही करनी पड़ती है. लेकिन यहां हालात उल्टे हैं. पाइपलाइन की लीकेज से खेत में पानी ही पानी हो गया है. गेहूं की जड़ें गल रही हैं. पौधे पीले पड़ने लगे हैं. एक एकड़ में करीब 12 हजार रुपये लग चुके हैं. बीज, खाद, दवा, मेहनत सब खर्च हो गया. अब फसल बचने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही. किसानों की मुश्किल बस यहीं तक नहीं है. सुमित याद करते हैं कि इससे पहले धान की फसल पूरी तरह यमुना की बाढ़ में डूब गई थी. खेत में छह-सात फीट तक पानी भर गया था. बाढ़ के साथ केमिकल वाली मिट्टी भी आकर खेतों में जम गई. अब जमीन की ताकत लगातार घट रही है. उन्होंने डीसी को मुआवजे के लिए अर्जी भी दी थी लेकिन आज तक कोई राहत नहीं मिली.
मजबूरी इतनी
किसान बताते हैं कुछ साल पहले तक मंझावली की मिट्टी इतनी उपजाऊ थी कि लोग कहते थे यहां सोना बो दो वो भी उग आएगा. यमुना पास होने की वजह से जमीन में जान थी. लेकिन बार-बार की बाढ़ ने खेतों की हालत बिगाड़ दी है. हर बाढ़ के बाद केमिकल और गाद मिट्टी में जम जाती है जिससे पैदावार लगातार कम हो रही है. पहले यहां सूरजमुखी, मटर और कई सब्जियां खूब होती थीं. अब हालात ऐसे हैं कि ये फसलें लगभग गायब हो चुकी हैं. सब्जी उगाने वाले गिने चुने किसान ही बचे हैं. किसी तरह केवल बैंगन की खेती हो रही है. बाकी सब्जियां टिक नहीं पा रहीं. अब गांव के किसान बस दो ही फसलों धान और गेहूं पर टिके हुए हैं, वो भी मजबूरी में.
धान की फसल तो हर दूसरे साल बाढ़ में बह जाती है. गेहूं को कभी ओलावृष्टि मार देती है तो कभी पाइपलाइन की लीकेज. किसान कहते हैं उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. अगर जल्दी पाइपलाइन ठीक नहीं हुई तो इस बार गेहूं की फसल पूरी तरह तबाह हो जाएगी. मंझावली के किसान खुद को लाचार पा रहे हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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