फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में हुए हादसे को आम आदमी पार्टी ने अत्यंत दुखद और झकझोर देने वाला बताया है। आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि जिस आयोजन को हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री विश्वस्तरीय बताकर अपनी पीठ थपथपा रहे थे, उसी मेले में सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही ने एक पुलिसकर्मी की जान ले ली और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अनुराग ढांडा ने कहा कि सबसे शर्मनाक बात यह है कि हरियाणा सरकार के एक मंत्री इस हादसे को “सरकार की गलती नहीं बल्कि भगवान की मर्जी” बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल यह है कि अगर सब कुछ भगवान की मर्जी से होता है, तो सरकार, प्रशासन, सुरक्षा इंतज़ाम और निरीक्षण की पूरी व्यवस्था क्यों बनाई जाती है? इस तरह के बयान पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसे हैं और जनता की पीड़ा का मज़ाक उड़ाने के समान हैं। अधिकारियों पर भी दर्ज हो एफआईआर अनुराग ढांडा ने कहा कि हादसे के बाद सरकार ने तुरंत लीपापोती शुरू कर दी। झूले फिट होने का जो सर्टिफिकेट दिया गया, वह फ़र्ज़ी था, यह अब सामने आ रहा है। जब यह सर्टिफिकेट डिप्टी कमिश्नर स्तर से जारी हुआ, तो FIR सिर्फ़ वेंडर पर ही क्यों? क्या वेंडर ने खुद अपने आप सर्टिफिकेट बना लिया था? प्रशासनिक लापरवाही की जड़ में बैठे बड़े अफसरों को बचाने और छोटे लोगों को बलि का बकरा बनाने की यह पुरानी सरकारी आदत अब जनता साफ़ देख रही है।
जांच पर उठाए सवाल उन्होंने एक और बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि डीसी जैसे सीनियर अधिकारी की भूमिका की जांच एडीसी की कमेटी कैसे कर सकती है? क्या यह जांच वास्तव में सच्चाई सामने लाने के लिए है या फिर एक औपचारिक प्रक्रिया, ताकि कुछ दिनों बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाए? यह पूरी व्यवस्था खुद में सवालों के घेरे में है और सरकार की नीयत पर गंभीर संदेह पैदा करती है।
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