यह कोई आम दुकान नहीं, बल्कि कश्मीर के श्रीनगर से आई विशमा और उनके परिवार का हुनर और मेहनत है. विशमा खुद कहती हैं कि हमारा सारा काम घर में ही तैयार होता है. कोई बड़ी कंपनी नहीं, बस परिवार और हमारे 30-40 कारीगर. हर धागे में हाथों की मेहनत और दिल की लगन है. उनके पास सूट, शॉल, कुर्ती और हैंड वर्क साड़ियां हैं. कपड़ों की डिजाइनिंग और हैंड वर्क भी घर में ही होता है. इसलिए हर कपड़े में कश्मीरी कारीगरी की बारीकी साफ नजर आती है.
हर सूट का रेट अलग-अलग
कीमतों की बात करें तो यहां सूट 1200 रुपए से शुरू हो जाते हैं और पश्मीना सूट की कीमत 30,000 रुपए तक जाती है. सॉल की कीमत 2,000, रुपए, शूट 1,500 रुपए, हैंड वर्क सूट 2,500 रुपए, कलमकारी शूट 8,500 रुपए और असली पश्मीना के सूट 12,000 रुपए से आगे तक मिल जाते हैं. मेले में इस बार वूलन सूट सबसे ज्यादा बिक रहे हैं और सच कहें तो इनकी क्वालिटी देखकर रेट्स वाजिब ही लगते हैं, क्योंकि हर एक पीस ओरिजिनल है और हर रंग में कश्मीर की रूह बसती है.
विशमा ने असली और नकली पश्मीना के फर्क के बारे में भी बताया. असली पश्मीना हल्के बेस कलर में होता है, जिसे छूते ही गर्माहट महसूस होती है. नकली पश्मीना से इसका फर्क साफ पता चलता है. जो लोग असली कश्मीरी पश्मीना की तलाश में हैं, उनके लिए ये स्टॉल किसी खजाने से कम नहीं है.
देशभर में फैला रहे कश्मीर की संस्कृति
कहानी यहीं खत्म नहीं होती, विशमा ने 2018 में खुद का यह काम शुरू किया. पहले वे दूसरों के लिए काम करती थीं, लेकिन फिर सोचा क्यों न अपने हुनर को अपनी पहचान बनाऊं. आज उनका पूरा परिवार मां, पापा और दो छोटे भाई साथ मिलकर कश्मीर की पारंपरिक कला को जिंदा रखे हुए हैं. इसी काम से वे अच्छी आमदनी भी कमा रहे हैं और साथ-साथ कश्मीर की संस्कृति को देशभर में पहुंचा रहे हैं.
अगर आप भी सर्दियों के लिए कुछ अलग और ओरिजिनल खरीदना चाहते हैं या फिर कश्मीरी कारीगरी को करीब से देखना हैं तो सरस मेले का ये स्टॉल मिस मत कीजिए. यहां आपको हर चीज में परिवार की मेहनत, कारीगरों की लगन और कश्मीर की खूबसूरती महसूस होगी. इस स्टॉल पर लोगों की हमेशा भीड़ लगी रहती है.
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