इसके अलावा संस्कृत विषय में परीक्षा देते हैं किस तरह से उत्तर देना है इसके बारे में बताने वाले हैं. एजुकेशन एक्सपर्ट और संस्कृत के अध्यापक नरेंद्र कुमार बुनकर ने बताया कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में संस्कृत के पेपर में प्रश्नपत्र मिलते ही घबराने के बजाय पूरे पेपर का एक बार अवलोकन करें. मन में यह भाव रखें कि आप कर सकते हैं. पेपर को खुद पर हावी न होने दें, इससे आधी सफलता स्वतः मिलती है.
शब्द, धातु रूप व कारक में न करें जल्दबाजी
अध्यापक नरेंद्र कुमार बुनकर ने बताया कि इस विषय में शब्द-रूप, धातु-रूप, उपसर्ग-प्रत्यय, कारक एवं काल से जुड़े प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर ही उत्तर लिखें. इस दौरान जल्दबाजी में की गई गलती अंक कटवा सकती है. वहीं, संस्कृत व्याकरणबद्ध भाषा है. इसलिए उत्तर लिखते समय विसर्ग, अनुस्वार और विभक्ति का सही प्रयोग करें, अन्यथा उत्तर गलत माना जा सकता है. छंद और अलंकार के प्रश्नों में मात्राओं व वर्षों की गणना सही करें. इसके अलावा अथवा में दिए गए विकल्पों को भी ध्यान से देखकर उत्तर लिखें.
रेखांकन करना न भूलें
अध्यापक नरेंद्र कुमार बुनक रने बताया कि रिक्त स्थानों की पूर्ति करने के बाद सही विकल्प के नीचे रेखांकन अवश्य करें, जिससे परीक्षक को उत्तर स्पष्ट दिखाई दे. संवाद, वार्तालाप, प्रार्थना पत्र, व्यक्तिगत पत्र और निबंध लेखन को प्राथमिकता दें. इसके अलावा प्रार्थना पत्र हमेशा नए पेज से लिखें. वहीं, अपठित गद्यांश व पद्यांश को बारीकी से पढ़ने के बाद ही उत्तर लिखें. अवतरण के सभी प्रश्न व उपप्रश्न क्रम से एक ही स्थान पर लिखें.
भाषा और प्रस्तुतीकरण का रखें खास ख्याल
उन्होंने बताया परीक्षा के दौरान विद्यार्थी ध्यान रखे कि लिखावट साफ हो, भाषा शैली व व्याकरण शुद्ध रखें. प्रत्येक उत्तर के बाद एक पंक्ति अवश्य छोड़ें और सेक्शन अनुसार पेपर हल करें. वहीं, संस्कृत एक स्कोरिंग विषय है. व्याकरण के प्रश्नों को ध्यानपूर्वक हल करें और अशुद्धियों से बचें. पेपर करने के बाद रिवीजन के लिए समय रखें. जांच लें कि प्रश्न छूटा तो नहीं। माइंड मैपिंग में जल्दबाजी न करें.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.