छत्तीसगढ़ में कथित धान घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्ष ने चूहों द्वारा धान खाए जाने के सरकारी दावे को धान घोटाले से जोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। इसी क्रम में, दुर्ग में कांग्रेसियों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए राजीव भवन से कलेक्ट्रेट तक ‘चूहों की बरात’ निकाली। इस दौरान टोकनी में धान रखकर जिंदा चूहों को खिलाया गया, ताकि यह प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया जा सके कि चूहे कितना धान खा सकते हैं।
सरकारी दावे पर विपक्ष का हमला
यह विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब सरकार ने स्वयं यह जानकारी दी कि कवर्धा और महासमुंद जिलों में करोड़ों रुपये का धान चूहों द्वारा खा लिया गया है। कांग्रेस इस मामले को सीधे धान घोटाले से जोड़ते हुए इसे सरकार की मिलीभगत बता रही है। दुर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने करोड़ों रुपये का धान घोटाला किया है और व्यर्थ ही चूहों को बदनाम कर रही है। उन्होंने इस मामले की स्पष्ट जांच की मांग करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है और जल्द ही न्यायालय का रुख करने की बात कही है।
भ्रष्टाचार के चरम पर होने का आरोप
दुर्ग शहर जिलाध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार बनने के बाद से भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। उन्होंने बताया कि कागजों में कवर्धा में 26 हजार क्विंटल और महासमुंद में 18 हजार क्विंटल धान चूहों द्वारा खाए जाने का उल्लेख है, जो कि हास्यास्पद है। इसी विरोध में ‘चूहों की बरात’ निकाली गई। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इस तरह से धान की बर्बादी और भ्रष्टाचार को छिपाने का प्रयास कर रही है।