Moringa natural farming : सहजन सेहत के लिए रामबाण है. इसे मोरिंगा भी कहते हैं. ये पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने, पाचन में सुधार करने, हड्डियों को मजबूत करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसमें विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. यह त्वचा, बालों और खून की कमी के लिए भी फायदेमंद है. अंबाला का एक किसान इसे प्राकृतिक तरीके से उगा रहा है.
सबसे ज्यादा मोरिंगा (सहजन) के पेड़ लगे हुए हैं. आम, नाशपाती, सेब, बब्बू गोशा और अमरूद भी लगे हैं, जिनका वे प्राकृतिक तरीके से ध्यान रखते हैं. कई आयुर्वेदिक पौधों को बड़ी कंपनियों को सप्लाई करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. उन्होंने बताया कि आज के समय में आयुर्वेद और प्राकृतिक खेती के साथ जुड़कर किसान काफी फायदा उठा सकते हैं, क्योंकि इन सभी आयुर्वेदिक चीजों का सेवन करने के बाद बीमार होने का खतरा कम हो जाता है. इन पौधों का आयुर्वेदिक स्प्रे, खाद और पेड़ों को सफेदी लगाकर कीड़ों से बचाव करते हैं.
इस तरह से बागवानी पर सरकार द्वारा उन्हें 40 से 50 हजार रुपए की अनुदान राशि भी दी जा रही है. पेड़ों की देखभाल के लिए भी कुछ राशि मिलती है. आयुर्वेद के अनुसार, सहजन (मोरिंगा) एक चमत्कारी जड़ी-बूटी है जो शरीर को डिटॉक्स करती है. इससे पाचन सुधरता है और (कब्ज, गैस) से राहत मिलती है. ये हड्डियों को मजबूत करती है. प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) बढ़ाती है. सूजन कम करती है. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करती है. त्वचा-बालों के लिए अच्छी है और शरीर को ऊर्जा देती है. वात-कफ को संतुलित करने वाली शक्तिशाली औषधि है. इसका उपयोग लोग सर्दी में काफी ज्यादा करते हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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