बैठक के दौरान 23 जनवरी बसंत पंचमी को दोनों समाजों के आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति से बचने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के पश्चात मीडिया से चर्चा में मुस्लिम समाज के शहर सदर अब्दुल समद ने बताया कि प्रशासन से सकारात्मक बातचीत हुई है और मुस्लिम समाज संवैधानिक अधिकारों के तहत सीमित संख्या में भोजशाला में सांकेतिक नमाज अदा करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि शहर हमारा है, शांति बनी रहनी चाहिए, किसी भी प्रकार का विवाद न हो यही हमारा प्रयास है।
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वहीं भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है। उन्होंने बताया कि 2003 के आदेश के अनुसार बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू समाज द्वारा अखंड पूजा एवं दर्शन का प्रावधान है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस मामले में आईजी अनुराग ने कहा कि दोनों पक्षों से संवाद हुआ है और विवाद टालने को लेकर बातचीत सार्थक रही है। किसी भी स्थिति में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहीं कमिश्नर सुदामा खांडे ने बताया कि दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने की बात कही है।
इस संबंध में प्रशासन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि जो भी अंतिम आदेश आएगा, उसके अनुसार व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने व भ्रामक जानकारी न फैलाने की अपील की। प्रशासन और दोनों समाजों के जिम्मेदारों के बीच हुई इस चर्चा के बाद 23 जनवरी बसंत पंचमी को भोजशाला में शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है।
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