Dhanbad News: नवजवान एकता फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था से वर्तमान में लगभग 1000 से 1200 लोग सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. ये सभी सदस्य समाजसेवा को अपना कर्तव्य मानते हुए. अलग-अलग सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सामाजिक कार्यकर्ता और फाउंडेशन से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे. निकाह पूरी सादगी, इस्लामी रीति-रिवाज और बिना किसी दिखावे के संपन्न कराया गया. सभी जोड़ों के लिए आवश्यक घरेलू सामान की व्यवस्था भी फाउंडेशन की ओर से की गई, ताकि नवविवाहित जोड़े सम्मान के साथ अपने नए जीवन की शुरुआत कर सकें.
शादी और निकाह को आसान बनाना
कार्यक्रम में मौजूद इमाम अजहर इकबाल ने बताया कि यह सामूहिक निकाह पिछले पांच वर्षों से लगातार धनबाद के केंदुआ क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बच्चियों की शादी और निकाह को आसान बनाना है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बेटी का भविष्य प्रभावित न हो. इमाम अजहर इकबाल के अनुसार नवजवान एकता फाउंडेशन का मकसद है. हर बहन-बेटी को उसका हक मिले और उसे एक सुरक्षित व सम्मानजनक घर-गृहस्थी मिले.
हर शुक्रवार को गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था
नवजवान एकता फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था से वर्तमान में लगभग 1000 से 1200 लोग सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. ये सभी सदस्य समाजसेवा को अपना कर्तव्य मानते हुए. अलग-अलग सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं. फाउंडेशन की ओर से हर शुक्रवार को गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है. इसके अलावा गरीब बच्चियों की शादी और विवाह गंभीर बीमारी के समय आर्थिक सहयोग तथा अन्य मानवीय सहायता कार्य भी नियमित रूप से किए जाते हैं. सामूहिक निकाह कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इसमें पूरी तरह से दहेजमुक्त व्यवस्था अपनाई गई. आयोजकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि दहेज समाज के लिए एक अभिशाप है, जो गरीब परिवारों पर अनावश्यक बोझ डालता है. इस आयोजन के जरिए यह संदेश दिया गया. विवाह का आधार आपसी सम्मान, समझ और विश्वास होना चाहिए, न कि लेन-देन और दिखावा.
21 जोड़ों का सामूहिक निकाह
इस अवसर पर कई नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों ने नवजवान एकता फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया. परिजनों का कहना था कि यदि यह सहयोग नहीं मिलता, तो उनकी बेटियों की शादी करना बेहद कठिन हो जाता. उन्होंने इस पहल को समाज के लिए एक मिसाल बताते हुए अन्य सामाजिक संगठनों और सक्षम लोगों से भी आगे आने की अपील की.कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है. उनका लक्ष्य है कि आने वाले समय में और अधिक जरूरतमंद बच्चियों को इस तरह की सहायता दी जाए और दहेजमुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत आंदोलन खड़ा किया जाए. उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे आगे बढ़कर गरीब और जरूरतमंद परिवारों का सहयोग करें ताकि किसी भी बेटी का घर बसाने में आर्थिक बाधा न बने है.