देवास में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला परामर्श केंद्र में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत की गई है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 दिसंबर को आवेदक विशाल परमार ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी पत्नी अर्चना द्वारा महिला थाना देवास में मारपीट और दहेज प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई गई है। इस मामले में कार्रवाई न करने के एवज में महिला थाना देवास में पदस्थ प्रधान आरक्षक शाहीन खान द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
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शिकायत की जांच लोकायुक्त निरीक्षक दीपक के. सेजवार द्वारा की गई, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद यादव के निर्देश पर ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के तहत बुधवार को महिला प्रधान आरक्षक शाहीन खान को आवेदक विशाल परमार से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया।
लोकायुक्त थाना प्रभारी दीपक सेजवार ने बताया कि ट्रैप की कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। आरोपी महिला प्रधान आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल, मध्य प्रदेश के निर्देशन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के अंतर्गत की गई है।
इधर मामले में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने महिला प्रधान आरक्षक शाहीन खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही महिला थाना प्रभारी सुनीता कटारे को भी पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को बड़ी और सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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