ये बही-खाता सिर्फ एक रजिस्टर नहीं, बल्कि पीढ़ियों की स्मृतियों का दस्तावेज है. इसमें हाथ से लिखे गए नाम, गांव, जिला और आगमन की तिथियां होती हैं. कई बार तो इन पन्नों पर श्रद्धालु को अपने किसी पूर्वज की लिखावट भी मिल जाती है. ऐसे क्षण में भावनाओं को संभाल पाना आसान नहीं होता.
बही-खाता सिर्फ एक रजिस्टर नहीं
बता दें कि ये बही-खाता सिर्फ एक रजिस्टर नहीं, बल्कि पीढ़ियों की स्मृतियों का दस्तावेज है. इसमें हाथ से लिखे गए नाम, गांव, जिला और आगमन की तिथियां होती हैं. कई बार तो इन पन्नों पर श्रद्धालु को अपने किसी पूर्वज की लिखावट भी मिल जाती है. ऐसे क्षण में भावनाओं को संभाल पाना आसान नहीं होता. ऐसा लगता है मानो समय पीछे लौट गया हो और पुरखों से सीधा संवाद हो रहा हो.
बही खातों में सभी राज्यों के गांव के नाम दर्ज
चाहे कोई कश्मीर का रहने वाला हो, गुजरात के जामनगर के कृष्णानगर गांव से आया हो या कर्नाटक के किसी दूरदराज इलाके से यदि उसके पूर्वज कभी देवघर तीर्थ पर आए होंगे, तो उनका उल्लेख पंडा समाज के बही-खातों में जरूर मिलेगा. महज 10 से 15 मिनट में पंडा पूरे परिवार का विवरण श्रद्धालु के सामने रख देता है, जो किसी को भी आश्चर्यचकित कर देता है.
पुरखों से जुड़ता है रिश्ता
कई सुदूर क्षेत्र से आए श्रद्धालू जब उन्हें पता चलता है कि उनके पूर्वज करीब डेढ़ सौ साल पहले बाबा धाम आए थे, तो वे रोमांच से भर जाते है. उसी पुरोहित परिवार से पूजा-अनुष्ठान कराना उनके लिए बेहद भावुक और सुकून देने वाला अनुभव रहा, क्योंकि कभी उनके पुरखों ने भी वहीं पूजा कराई थी.
क्या कहते है बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के तीर्थपुरोहित
बाबा मंदिर के वरिष्ठ पंडा शशि उर्फ मुन्ना पंडा के अनुसार, कई बही-खातों में 10 से 20 पीढ़ियों तक का विस्तृत विवरण सुरक्षित है. इन्हीं अभिलेखों के आधार पर पंडा समाज अपनी अगली पीढ़ी को यजमानों से जोड़ता है. यही परंपरा उन्हें पूजा-पाठ, सेवा और आजीविका से जोड़े रखती है. राजस्थान से आए उनके पूर्वजों ने जो बही शुरू की थी, वही आज भी उनके और उनके यजमानों के रिश्ते की मजबूत कड़ी बनी हुई है.
About the Author
न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.