Dehradun Zoo: देहरादून जू ने सर्दियों में वन्यजीवों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए खास डाइट चार्ट तैयार किया है. सरीसृप, हिरण, छोटे पक्षी और बड़े मांसाहारी जानवरों के लिए विशेष खान-पान और गर्माहट के उपाय किए गए हैं ताकि वे ठंड से सुरक्षित और ऊर्जावान रहें.
सरीसृपों की खुराक में बदलाव
ठंड का सबसे ज्यादा असर कोल्ड-ब्लडेड जीवों यानी शीत-रक्त वाले जानवरों जैसे घड़ियाल, मगरमच्छ और अन्य सरीसृपों पर पड़ता है. सर्दियों में इनकी सक्रियता कम हो जाती है और वे कम भोजन करते हैं. जहां गर्मियों में ये नियमित रूप से भोजन करते थे, वहीं अब सर्दियों में इन्हें हफ्ते में केवल एक से दो बार ही खाना दिया जा रहा है. वर्तमान में प्रशासन उन्हें हफ्ते में 2 से 3 बार मछली उपलब्ध करा रहा है ताकि उनकी ऊर्जा और स्वास्थ्य बनाए रखा जा सके.
डेहरादून जू के रेंज ऑफिसर विनोद कुमार लिंगवाल के अनुसार, यह बदलाव सरीसृपों के मेटाबॉलिज्म और ठंड से होने वाले तनाव को कम करने के लिए किया गया है. सही समय पर और उचित मात्रा में भोजन देने से न केवल उनकी जीवंतता बनी रहती है बल्कि बीमारी का खतरा भी कम होता है.
शाकाहारी जानवरों जैसे हिरणों के लिए सर्दियों में उनके भोजन में ऊर्जा और गर्माहट बढ़ाने वाले तत्व शामिल किए गए हैं. गुड़, खल और नमक जैसी गर्म तासीर वाली चीजें उनके आहार का हिस्सा बन गई हैं. गुड़ प्राकृतिक रूप से शरीर को गर्म रखने में मदद करता है, जिससे ठंड के मौसम में भी हिरण सक्रिय रह पाते हैं.
छोटे पक्षियों को प्रोटीन और ऊर्जा देने के लिए उबले हुए अंडे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर दिए जा रहे हैं. इससे उनके शरीर में गर्माहट बनी रहती है और वे बीमारी से सुरक्षित रहते हैं. इन जानवरों के आहार में पर्याप्त पोषण शामिल करने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है.
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बड़े मांसाहारी और टाइगर की डाइट
बड़े मांसाहारी जानवरों, विशेषकर टाइगर और अन्य शिकारी प्रजातियों के लिए भी सर्दियों में उनके खान-पान में बदलाव किया गया है. उनके भोजन में गर्म तासीर वाला मीट शामिल किया गया है, जिससे उनका शरीर गर्म और ऊर्जावान बना रहे. प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि इन जानवरों को पर्याप्त मात्रा में पोषण और ऊर्जा मिले ताकि वे सुस्त न हों और स्वास्थ्य ठीक बना रहे.
सर्दियों में सुरक्षा और देखभाल
विनोद कुमार लिंगवाल बताते हैं कि सिर्फ खान-पान ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और आराम का भी पूरा ध्यान रखा गया है. सभी जानवरों के बाड़ों में पुआल बिछाई गई है ताकि उन्हें आराम और गर्माहट मिले. सरीसृपों के लिए गर्म कम्बल भी लगाए गए हैं, जिससे उनकी बाड़ सुरक्षित और गर्म बनी रहे.
इसके अलावा, हीटर की व्यवस्था भी की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर जानवरों को अतिरिक्त गर्माहट मिल सके. इन उपायों से जानवरों को सर्दियों में सुस्त होने, बीमार पड़ने या ऊर्जा कम होने से बचाया जा सकता है. प्रशासन का यह विशेष डाइट चार्ट और सुरक्षा इंतजाम साबित करते हैं कि वैज्ञानिक प्रबंधन से सर्दियों में भी वन्यजीव स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकते हैं.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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