Dehradun News: पहले के जमान में जब फैक्ट्रियों में कपड़े तैयार नहीं होते थे, तो लोग कैसे कपड़े पहनते थे. आज इस बात से पर्दा उत्तराखंड के रहने वाले एक शख्स ने उठाया. उन्होंने बताया कि पहले जमाने में लोग कैसे कपड़े पहनते थे और वह कैसे तैयार होता था.
मगर जब ना ट्रांसपोर्ट की सुविधा थी और फैक्ट्री में तैयार होने वाले कपड़े गांव नहीं पहुंच पाए थे, तो यह सवाल उठता है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर पुराने समय में बुजुर्ग किस तरह के कपड़े पहनते थे और इन्हें तैयार कैसे किया जाता था? अगर आप भी यह बात सोच रहे हैं, तो हम आपको आज बताएंगे कि किस तरह पहाड़ में बुजुर्ग अपने हाथ से ही अपने कपड़ों को तैयार करते थे.
मशीनरी पर निर्भर नहीं थे लोग
उत्तराखंड के पहाड़ी अंचल के रहने वाले जवाहर बताते हैं कि उन्होंने अपने पूर्वजों से कपड़ा बनाने की पुरानी तकनीक सीखी थी. उन्होंने कहा कि पहले लोग मशीनरी पर निर्भर नहीं रहते थे, बल्कि अपने आप ही अधिकतर काम को किया करते थे. जवाहर बताते हैं कि जब आजादी के पहले का वक्त था, उस दौरान पहाड़ पर रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं थे और ना ही इतनी अमीरी थी कि बड़े शहरों से कपड़े खरीदकर पहने जाएं. उस वक्त ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग खड्डी की मदद से कपड़ा तैयार करते थे. कई जगहों पर हथकरघा और सैंपल लूम से भी इसे जाना जाता है.
तकनीक से पहाड़ों पर बनाए जाते थे गातर
जवाहर ने बताया कि सबसे पहले लोग पहाड़ों पर अपने ऊन से धागा निकालते हैं. इसके बाद लकड़ी की खड्डी पर इसे लगाकर फिर ताना-बाना के जरिए कपड़ा बुना जाता है. उन्होंने बताया कि इससे गर्म कपड़े, कॉटन, सिल्क और कई तरह के फाइबर से धागा बनाकर इस प्राचीन करघा मशीन से कपड़ा तैयार किया जाता था.
उल्टा-सीधा, दोनों तरफ से पहन सकते हैं
इसमें सबसे पहले धागे को कई बार रोलर यानी कि ‘ताना’ पर लपेट लिया जाता है. फिर बीट रोलर यानी कि ‘बाना’ पर फाइनल कपड़ा तैयार होता है. इसे लोग ताना-बाना कहते हैं. उन्होंने कहा कि यह प्राचीन तकनीक 500 साल पुरानी है, जिससे हाथों से ही पूरा कपड़ा तैयार करके देती है और आप इसी से कपड़े में कई डिजाइन भी दे सकते हैं. जबकि डबल साइडेड कपड़ा भी इससे तैयार किया जा सकता हैं. इसे आप उल्टा-सीधा, दोनों तरफ से प्रयोग कर सकते हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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