Raja Bazar: उत्तराखंड के राजा बाजार का जल्द ही स्वरूप बदलने वाला है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में पर्यटन विभाग इस योजना को धरातल पर उतारने जा रहा है. इसकी खासियत यह है कि एक लाइन में बनी ये दुकानें एक जैसी हैं, लेकिन अब समय के साथ-साथ यह मार्केट जीर्ण-शीर्ण होकर अपना आकर्षण खो रहा है.
टिहरी के नरेंद्रनगर का राजा बाजार काफी ऐतिहासिक है. राजा बाजार को 1919 में टिहरी नरेश राजा नरेंद्रशाह ने बसाया था. तब ब्रिटिश वास्तुकार ने मास्टर प्लान के तहत इसका निर्माण किया था. इसकी खासियत यह है कि एक लाइन में बनी ये दुकानें एक जैसी हैं, लेकिन अब समय के साथ-साथ यह मार्केट जीर्ण-शीर्ण होकर अपना आकर्षण खो रहा है. लिहाजा पर्यटन विभाग अब इसे फिर से इसके मूल स्वरूप में रिस्टोर कर इसका सौंदर्यीकरण करने जा रहा है.
सौंदर्यीकरण के बाद कुछ इस तरह नजर आएगा बाजार
सिर्फ नरेंद्रनगर ही नहीं, हेरिटेज स्ट्रीट योजना के तहत हर जिले में एक मार्केट को पहाड़ की स्थानीय शैली में विकसित किया जाएगा. उत्तराखंड के कई बाजार अपनी विशिष्ट पहचान और इतिहास के लिए जाने जाते हैं. बदलते वक्त के साथ इन बाजारों की पारंपरिक पहचान धुंधली पड़ने लगी थी. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने इन्हें पहाड़ी शैली में विकसित करने की घोषणा की थी, अब इसके विकास की रफ्तार तेज हो गई है. पहले चरण में इन जगहों को हेरिटेज स्ट्रीट के रूप में विकसित किया जाएगा. उसके बाद पौडी की माल रोड व अपर बाजार, नरेंद्र नगर का राजा बाजार, नैनीताल का बड़ा बाजार व बोट हाउस स्टैंड और अल्मोड़ा के पटाल बाजार को विकसित किया जाएगा.
बनेगा सेल्फी प्वाइंट
हेरिटेज स्ट्रीट योजना से न सिर्फ पर्यटकों को पहाड़ी संस्कृति से रूबरू होने का अवसर मिलेगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा. हेरिटेज स्ट्रीट में हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और अन्य स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे. यहां पर्यटकों के आकर्षण के लिए सेल्फी प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे.
About the Author

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.