Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आज यानी रविवार (11 जनवरी 2026) को विभिन्न संगठनों ने ‘उत्तराखंड बंद’ का आह्वान किया है. हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश के बाद इस बंद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. जहां एक ओर कई संगठनों ने आंदोलन को निर्णायक बनाने की ठानी है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के एक बड़े धड़े ने खुद को इस बंद से अलग कर लिया है.
अंकिता के माता-पिता की मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सीबीआई जांच की संस्तुति की थी. अंकिता के परिजनों ने सीएम को जो पत्र सौंपा था, उसे गृह सचिव के माध्यम से एसएसपी देहरादून को मार्क किया गया है. अब सीबीआई मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच केंद्रित करेगी.
1. उस रहस्यमयी ‘VIP’ की पहचान करना, जिसकी भूमिका पर शुरू से सवाल उठ रहे हैं.
2. प्रकरण में साक्ष्य छिपाने या नष्ट करने के आरोपों की हकीकत क्या है?
पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की तहरीर पर पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसमें अब अंकिता के माता-पिता की शिकायत को भी शामिल किया गया है.
बंद को लेकर प्रदेश में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. देहरादून, हल्द्वानी और रुड़की के कई व्यापारिक संगठनों ने बंद से पीछे हटने का फैसला किया है. रुड़की प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय गुप्ता और जिला अध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब सरकार ने सीबीआई जांच की मांग मान ली है, तो बंद का कोई औचित्य नहीं रह जाता. वहीं, दूसरी ओर महानगर कांग्रेस ने बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया है. जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी का कहना है कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच और मुख्यमंत्री के पुतला दहन के साथ अपना विरोध दर्ज कराएगी.
उत्तराखंड आंदोलनकारी और पर्वतीय मूल के संगठनों का कहना है कि वे केवल सीबीआई जांच से संतुष्ट नहीं हैं. उनकी मांग है कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में होनी चाहिए. आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बुलडोजर कार्रवाई और पूर्व भाजपा विधायक के खुलासों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज होगा. आज सुबह 10:30 बजे रुड़की के बूचड़ी फाटक से चंद्रशेखर चौक तक विशाल रैली निकालने की योजना है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. बाजारों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. साथ ही, पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी को भी दुकान बंद कराने या बसें रोकने की अनुमति नहीं होगी. इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने जनता से सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा न करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास मामले से जुड़े कोई गुप्त साक्ष्य हैं, तो वे सीधे जांच एजेंसी को सौंपें.
बता दें कि अंकिता हत्याकांड के तीनों आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा मिल चुकी है. अब नई जांच का केंद्र उस ‘कथित VIP’ के नाम का खुलासा करना है, जिसकी वजह से यह मामला प्रदेश की राजनीति और भावनाओं के केंद्र में बना हुआ है.
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