पैसों के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद
हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार विवाद की जड़ पैसों के लेनदेन से जुड़ी बताई जा रही है. बताया गया है कि कैलाश पासवान ने हेमकांत झा के मकान निर्माण का काम किया था, जिसके करीब 2 लाख 47 हजार रुपये बकाया थे. आरोप है कि उसी सिलसिले में रास्ते से गुजर रहे हेमकांत झा के बहन-बहनोई को रोककर पैसे की मांग की गई, जिसके बाद कहासुनी, धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति बन गई। पंचायत स्तर पर भी मामला सुलझाने की कोशिश हुई, लेकिन विवाद बढ़ता गया और बाद में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई. घटना के बाद SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोप है कि मजदूरी मांगने पर एक पक्ष के घर पर हमला किया गया, जिसमें महिलाओं समेत 11 लोग घायल हुए और उनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है. पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है.
पैसों के विवाद से भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, विक्रम पासवान के बड़े भाई कैलाश पासवान ने वर्ष 2015 में हरिनगर निवासी हेमंत झा का मकान निर्माण कराया था. आरोप है कि निर्माण कार्य के एवज में करीब ढाई लाख रुपये अब भी बकाया हैं। भुगतान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पैसे मांगने पर हेमंत झा समेत कई लोग एकजुट होकर उनके घर में घुस आए और लाठी-डंडे व पगारिया से हमला कर दिया.
महिलाओं और बच्ची तक नहीं बख्शा
हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और एक बच्ची भी शामिल हैं. घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई और दोनों पक्षों के बीच पथराव भी हुआ. वायरल वीडियो में हमले और भगदड़ का दृश्य साफ दिखाई दे रहा है.
जातीय रंग देने की कोशिश
मामले को लेकर बिरौल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में घटना पैसों के लेनदेन से जुड़ी लग रही है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे जातीय रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है. पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है. प्राथमिकी दर्ज कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.
गांव में पुलिस बल तैनात
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने पर नजर रखे हुए है. पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.