बाड़मेर कवास इलाके के काऊ का खेड़ा इलाके केें ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के वेलपैड संख्या-8 के पास एक खेत में बीते 55 खेतां से क्रूड ऑयल का रिसाव हो रहा है। केयर्न वेदांता कंपनी ने गड्डा खोदकर वैक्यूम पंप से टैंकर भरकर उसका खाली कर रहे है। करीब 50 से ज्यादा टैंकर भरें जा चुके है। कंपनी के अधिकारी व इंजीनियर क्रूड ऑयल का रिसाव रोकने का प्रयास कर रहे है। क्रूड ऑयल का रिसाव पाइप लाइन से नहीं हो रहा है। कंपनी का कहना है कि टैक्निकल और ऑपरेशनल टीमों ने तत्काल रिसाव के कारणों की जांच कर रही है। दरअसल, दरअसल, 23 फरवरी सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे किसान हरजीराम खोथ के खेत में अचानक जमीन हलचल के बाद जमीन से क्रूड ऑयल का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते खेत के एक हिस्से में तेल फैल गया। कंपनी की तकनीकी टीम लगातार रिसाव रोकने में जुटी हुई है। लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। रिसाव स्थल के पास मशीनों से करीब 100 मीटर लंबी खाई खोदकर एक चैनल बनाया गया है, जिसमें तेल का बहाव प्रवाहित किया जा रहा है। साथ ही पास में बनाए गए स्टोरेज गड्डे से वैक्यूम टैकरों के जरिए तेल को भरकर अन्य स्थल पर ले जाया जा रहा है। एहतियात के तहत आना-जाना अस्थाई रूप से किया बंद लीकेज का सटीक स्त्रोत अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया ळे। कंपनी ने एहतियातन आसपास की पाइप लाइनों से तेल उत्पादन एवं प्रवाह अस्थायी रूप से बंद कर दिया। मुआवजे की मांग किसानों ने फील्ड क्षेत्र में आए दिन होने वाले ब्लास्ट और क्रूड ऑयल रिाव की घटनाओं को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। किसान हरजीराम खोथ ने बताया- रिसाव से उनका खेत पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। पूर्व में हुए धमाकों से भी उनके तथा आसपास के घरों और टांकों को नुकसान पहुंचा है। पाइप लाइन से नहीं हो रहा है रिसाव किसान का कहना है कि- आज तीसरे दिन भी क्रूड ऑयल जमीन से निकल रहा है। कंपनी के अधिकारी रोकने का प्रयास कर रहे है। लेकिन रिसाव कहां से हो रहा है। यह उनको पता नहीं लगा है। कंपनी की पाइप लाइन से रिसाव नहीं हो रहा है। रिसाव कारणों में जुटी टीमेंं कंपनी का कहना है कि – हमारी टेक्निकल एवं ऑपरेशनल टीमों ने तत्काल ही रिसाव के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही प्रभावित स्थल से तरल की निकासी की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में सभी आवश्यक नियंत्रण एवं रोकथाम उपाय लागू कर दिए गए हैं।
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