पुरानी भिलाई थाना में पिछले महीने में एक महिला के साथ छेड़छाड़ और बैड टच के मामले में सस्पेंड आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे को एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सेवा समाप्ति का आदेश एसएसपी कार्यालय से 26 दिसंबर को जारी किया गया है।
जानिए… क्या था पूरा मामला एक महिला ने पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ आरक्षक अरविंद मेंढ़े पर छेड़छाड़ और गलत तरीके से छूने (बैड टच) का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उसका बेटा पॉक्सो मामले में जेल में बंद है। आरक्षक ने उसे बाहर निकालने में मदद करने के नाम पर महिला से छेड़छाड़ की और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता ने बताया कि आरक्षक अरविंद उसे फोन करके मंगलवार को चरोदा बस स्टैंड पर बुलाया था। जब वह वहां पहुंची, तो आरक्षक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। मुझे बैड टच किया। जब मैंने बताया कि अभी मैं यह सब नहीं कर सकती और उसे पीरियड होने की बात कही तो उसने प्राइवेट पार्ट चेक किया। इस मामले की सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठन के लोगों ने भिलाई-3 थाने का घेराव भी किया था।
जांच में सामने आई ये बातें पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि 18 नवंबर 2025 को आरक्षक मेन्ढे की ड्यूटी प्रधान आरक्षक रविंद्र भारती के साथ आरोपी पता-तलाश में लगी थी, जिसकी वापसी शाम 6:05 बजे हुई। इसके बाद उसी दिन शाम 7:05 से 7:56 बजे के बीच उसने अपने मोबाइल से पीड़िता को तीन बार कॉल किया और चरौदा बस स्टैंड बुलाया। वहां से वह पीड़िता को अपने निजी वाहन में बैठाकर चरौदा रेलवे स्कूल के पास फाटक पार कर एक सुनसान स्थान पर ले गया, जहां अनैतिक कृत्य किया गया।
15 बार किया पीड़िता को कॉल जांच में यह भी सामने आया कि पीड़िता का पुत्र एक अन्य आपराधिक प्रकरण में जेल में निरुद्ध था। आरक्षक मेन्ढे ने उसे जेल से छुड़वाने का झांसा देकर पीड़िता को प्रलोभन दिया। इस सिलसिले में घटना से पहले 15 अक्टूबर 2025 से 15 बार पीड़िता को कॉल किए गए थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में घटना के समय आरोपी और पीड़िता दोनों की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई।
मामला दर्ज होने के बाद से फरार है आरक्षक अपराध दर्ज होने के बाद से ही आरक्षक मेन्ढे फरार हो गया है। आरक्षक अरविंद कुमार मेन्ढे की नियुक्ति 18 अगस्त 2008 को पुलिस विभाग में हुई थी। वह 28 जून 2021 से थाना पुरानी भिलाई में पदस्थ था। थाना पुरानी भिलाई में पदस्थापना के दौरान उसके विरुद्ध प्रार्थिया की लिखित शिकायत पर अपराध क्रमांक 457/2025 धारा 64(2)(a)(i) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। 19 नवंबर 2025 से उसकी अनुपस्थिति को अनाधिकृत मानते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। प्राथमिक जांच अधिकारी द्वारा कथन दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन आरोपी के फरार रहने के कारण कथन दर्ज नहीं हो सका। घर पर भी नोटिस भेजा गया था, लेकिन वो घर पर भी नहीं मिला।
फरार होने की वजह से बिना विभागीय जांच के कार्रवाई पुलिस विभाग की छवि को गंभीर रूप से धूमिल करने वाले कृत्य में संलिप्त पाए गए आरक्षक क्रमांक 1211 अरविंद कुमार मेन्ढे को सेवा से पदच्युत (डिसमिस) किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के आदेशानुसार आरोपी ने पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64, सेवा की सामान्य शर्तों और सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का खुला उल्लंघन किया है। साक्ष्यों की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए नियमित विभागीय जांच की आवश्यकता नहीं समझी गई। भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(ख) के तहत प्रदत्त विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए यह सख्त कार्रवाई की है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.