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कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए कस्बों और गांवों में जगह-जगह अलाव जलते दिखाई दिए। लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए और चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों का कामकाज प्रभावित हुआ है। ठंड के कारण सुबह के समय खेतों में काम शुरू करने में देरी हो रही है, वहीं पशुपालकों को पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। ऐसे में प्रशासन ने वाहन चालकों से सतर्कता बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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