सहरसा जिले में बढ़ती ठंड और शीतलहर के मद्देनजर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से स्थगित करने
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुबह और शाम के समय अत्यधिक ठंड और कम तापमान के कारण बच्चों के बीमार होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों को छूट
इस आदेश के तहत, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 10वीं तक की शैक्षणिक गतिविधियां (आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) 7 जनवरी तक पूरी तरह स्थगित रहेंगी। हालांकि, मिशन दक्ष और बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है, ताकि छात्रों की तैयारी प्रभावित न हो।
कक्षा 11वीं और उससे ऊपर की कक्षाएं पूर्ववत संचालित होंगी, लेकिन उनके समय में बदलाव किया गया है। इन कक्षाओं का संचालन अब सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच ही किया जाएगा। विद्यालयों को ठंड से बचाव के लिए सभी आवश्यक एहतियाती उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र दोपहर 12 से 2 बजे तक ही संचालित होंगे
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। ये केंद्र अब दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक ही संचालित होंगे। इस अवधि के दौरान बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें ठंड से राहत मिल सके।
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रबंधन एवं शिक्षकों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
यह आदेश 3 जनवरी को जिलाधिकारी दीपेश कुमार के हस्ताक्षर और न्यायालय की मुहर के साथ जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए भविष्य में भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।
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