छिंदवाड़ा में मकर संक्रांति के पर्व की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक सात वर्षीय बच्ची को गंभीर रूप से घायल कर दिया। लिंगा निवासी सोनू दाढ़े अपनी बेटी ध्रुवी को बाइक पर बैठाकर जा रहे थे, तभी अचानक सामने आए चाइनीज मांझे ने बच्ची के गले को अपनी चपेट में ले लिया।
तेज धार वाले मांझे से ध्रुवी की आहार नली कट गई, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान हो गई। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और परिजन तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद ध्रुवी को नागपुर रैफर कर दिया, जहां वह फिलहाल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
परिवार का कहना है कि वे सामान्य रूप से सड़क से गुजर रहे थे, तभी अचानक मांझा बच्ची के गले में फंस गया। कुछ ही सेकंड में खून बहने लगा। परिजन सदमे में हैं और बच्ची की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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शहर में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध होने और पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई व जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद इसका अवैध उपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर साल मकर संक्रांति के दौरान ऐसे हादसे सामने आते हैं लेकिन इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चाइनीज मांझा बेचने और उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं नागरिकों से अपील की गई है कि वे न केवल खुद इस मांझे का इस्तेमाल न करें बल्कि इसकी सूचना भी तुरंत पुलिस को दें।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को केवल त्योहारों के समय नहीं, बल्कि सालभर चाइनीज मांझे के खिलाफ सख्त अभियान चलाना चाहिए, ताकि किसी और मासूम को ऐसी दर्दनाक घटना का शिकार न होना पड़े। फिलहाल पूरा शहर ध्रुवी के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है, लेकिन यह हादसा एक बार फिर चाइनीज मांझे के खतरनाक सच को उजागर कर गया है।
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