चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने शनिवार देर रात पीजीआई के सामने रैन बसेरा चेकिंग की। इस दौरान न तो फर्स्ट एड बॉक्स मिला और न ही रैन बसेरों में हीटर चल रहे थे। सफाई भी उचित तरीके से नहीं थी। पानी भी नहीं था। रैन बसेरे में चार सुरक्षा कर्मी थे, जबकि सुपरवाइजर ड्यूटी पर नहीं था। स्टाफ ने बताया कि उसे नौकरी से निकाल दिया था। शिकायत करने के लिए एसडीओ का नंबर दिया गया था, लेकिन वह बंद था। जबकि जेई ने पहले फोन तक नहीं उठाया। फिर जेई का फोन आया तो उन्हें सारी चीजें बताई गईं। उन्होंने फेसबुक लाइव होकर चेकिंग की। मेयर ने कहा कि उनकी कोशिश यही है कि लोगों को उचित सुविधाएं मिल पाएं। रात को 11 बजे अकेले पहुंचे थे रैन बसेरे में शनिवार रात 11 बजे मेयर रैन बसेरा की चेकिंग के लिए पहुंचे थे। उनके साथ नगर निगम कोई अधिकारी नहीं था। केवल उनका उनका निजी स्टाफ था। वह सीधे ही पीजीआई के सामने बने रैन बसेरा में पहुंचे। जहां
कई राज्यों से आने वाले मरीजों के परिवार रुकते हैं। लेकिन जब उन्होंने चेकिंग शुरू की तो तो कई खामियां निकली। इस चेकिंग को उन्होंने फेबसकु पर लाइव किया। सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही लोगों से बातचीत की।
एक मुलाजिम देखने में बचा निकल रहा था
मेयर ने पूछा कि कितने लोग रहते है। तो जवाब मिला कि आज तो बहुत कम है। उन्होंने वहां पर मौजूद स्टाफ का रजिस्ट्रर देखा और पूछा कि क्या क्या सुविधाएं यहां मिलती है। फिर उन्होंने सुविधाओं संबंधी लगा पोस्टर पढ़ा और चेकिंग शुरू की। चेकिंग में सीसीटीवी कैमरा चल रहा था डयूटी पर कितने लोग हैं। तो महिला मुलाजिम ने बताया कि चार लोग है। एक लड़के की उम्र कम लग रही थी। इस पर मेयर ने कहा कि मुझे तो यह मुलाजिम नहीं लग रहा है।
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