चंडीगढ़ में अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड में कन्वर्जन और क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के नाम पर ₹1.73 लाख से अधिक की साइबर ठगी के मामले में साइबर सेल ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड कंपनी का कर्मचारी बताकर पहले वॉट्सऐप और फोन कॉल से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने गूगल फॉर्म के नाम से एक लिंक भेजा। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, ठगों ने उसके मोबाइल पर पूरा कंट्रोल हासिल कर लिया। लिंक पर क्लिक करते ही शिकायतकर्ता के एसबीआई क्रेडिट कार्ड से ₹1,73,463 की धोखाधड़ी कर ली गई। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य सहयोगियों की पहचान, सरगना की गिरफ्तारी, फर्जी दस्तावेजों से खोले गए बैंक खातों और सिम कार्ड की जांच, ठगी की रकम की रिकवरी और देशभर में पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए जांच जारी है। दिल्ली में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर जांच के दौरान सीएएफ, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आई एमईआई ट्रैकिंग और बैंक खातों के विश्लेषण से सामने आया कि ठगी का यह नेटवर्क दिल्ली के अशोक नगर इलाके से संचालित किया जा रहा था। 7 जनवरी 2026 को पुलिस ने अशोक नगर, तिलक नगर (पश्चिम दिल्ली) में छापा मारकर तीन महिला आरोपियों, प्रतिमा, रोशनी और जुही सेठी को गिरफ्तार किया। ये आरोपी फर्जी कॉल सेंटर चला रही थीं। इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, आधार और पैन कार्ड, बैंक पासबुक, चेक बुक, पीड़ितों की कॉन्टैक्ट लिस्ट और अन्य डिजिटल उपकरण शामिल हैं। हरिद्वार से पकड़ा बैंक अकाउंट सप्लायर गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने 22 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के हरिद्वार में एक और छापा मारा। इस दौरान होटल श्रीविद्या पीठ से सुषिल कौशिक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह फर्जी पहचान पत्रों पर बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाता था और उन्हें कॉल सेंटर ठगी के लिए देता था। इसके बदले उसे पैसे मिलते थे। उसने मुख्य कॉल सेंटर संचालक अजय सिंह मान का नाम भी बताया।
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