पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी क्लर्क और चपरासी।
चंडीगढ़ सेक्टर-17 एस्टेट ऑफिस में संपत्ति से जुड़ी एक फाइल से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने क्लर्क और चपरासी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आधिकारिक दस्तावेजों में हेरफेर करने का आरोप है।
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने एसडीएम सेंट्रल नवीन की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दोनों आरोपियों की पहचान क्लर्क ललित मोहन और आउटसोर्स पर कार्यरत चपरासी ललित के रूप में हुई है।
मामला सेक्टर-42-बी की एक संपत्ति से जुड़ा है। जांच के दौरान सामने आया कि संपत्ति फाइल के कुछ पन्ने स्कैन की गई प्रतियों से मेल नहीं खा रहे थे। जब मूल फाइल और स्कैन कॉपी का मिलान किया गया तो पता चला कि मूल फाइल में हस्तक्षेप कर असली दस्तावेज हटाकर अन्य कागजात रखे गए थे।
सेक्टर-17 थाना पुलिस ने SDM की शिकायत पर की एफआईआर दर्ज।
जांच के बाद सौंपी रिपोर्ट
मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच कराने का फैसला लिया और इसकी जिम्मेदारी सहायक एस्टेट अधिकारी नवीन को सौंप दी। जांच अधिकारी ने 5 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जांच के दौरान 24 और 25 सितंबर 2025 की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जिसमें फाइल से कुछ दस्तावेज बदले जाने और कुछ के गायब होने की पुष्टि हुई।
सीसीटीवी फुटेज में यह भी सामने आया कि क्लर्क ललित मोहन और आउटसोर्स पर कार्यरत चपरासी ललित बिना किसी वैध अनुमति के देर रात कार्यालय में फाइलें खंगालते नजर आए। फुटेज के अनुसार एक आरोपी रात में फाइल उठाता है और अगले दिन उसे उसी स्थान पर वापस रख देता है। उस समय कार्यालय में इनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।
फाइल में छेड़छाड़
जांच में आशंका जताई गई है कि दोनों आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से फाइल में छेड़छाड़ कर असली दस्तावेज बदले, जिससे भविष्य में अनावश्यक मुकदमेबाजी और सरकारी खजाने को भारी नुकसान होने की संभावना थी।
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