थर्मामीटर तोड़कर मरकरी पीने की घटना सिर्फ आत्महत्या की कोशिश भर नहीं रही, बल्कि इसके बाद सामने आए आरोपों ने एक महिला के वैवाहिक जीवन में कथित उत्पीड़न, मानसिक दबाव और विश्वासघात की गंभीर तस्वीर पेश की है। पीड़िता रेखा का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही उसका जीवन पूरी तरह बदल गया और वह लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का शिकार होती चली गई।
मर्जी के बिना किया नाम में बदलाव
महिला के अनुसार, उसका पति फुरकान शुरू में बेहद सामान्य और सहयोगी व्यवहार करता था, लेकिन निकाह के बाद उस पर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए जाने लगे। रेखा का दावा है कि उसे न सिर्फ अपनी पसंद और जीवनशैली बदलने के लिए मजबूर किया गया, बल्कि धीरे-धीरे उसकी पहचान तक सीमित कर दी गई। उसका आरोप है कि आधिकारिक दस्तावेजों में भी उसकी मर्जी के बिना नाम में बदलाव कराया गया, जिससे वह खुद को असहाय महसूस करने लगी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद उस पर धार्मिक गतिविधियों को लेकर सख्ती बढ़ती गई। पहले जहां उसे किसी तरह की रोक-टोक नहीं थी, वहीं बाद में उसके धार्मिक विश्वासों पर सवाल उठाए जाने लगे। महिला का कहना है कि इस सबका असर उसकी मानसिक स्थिति पर गहरा पड़ा और वह लगातार डर व तनाव में रहने लगी।
रेखा के मुताबिक, आर्थिक रूप से भी उसका शोषण किया गया। तलाक के बाद मिले पैसों का उपयोग उसने अपने भविष्य के लिए सुरक्षित रखा था, लेकिन शादी के बाद वही रकम पति के नियंत्रण में चली गई। महिला का आरोप है कि उस धन का इस्तेमाल कारोबारी गतिविधियों में किया गया, जबकि उसे किसी भी फैसले में शामिल नहीं किया गया। इस कारण पारिवारिक विवाद और बढ़ते चले गए।
महिला ने यह भी दावा किया कि पति का व्यवहार संदिग्ध होता जा रहा था और वह अन्य महिलाओं से बातचीत करता था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे धमकियां दी गईं। लगातार डर और तनाव के माहौल में रहने के कारण वह पूरी तरह टूट चुकी थी। इसी मानसिक दबाव के चलते उसने मरकरी पीकर अपनी जान देने की कोशिश की।
घटना के बाद महिला ने साफ कहा है कि वह अब अपने जीवन को नए सिरे से शुरू करना चाहती है और अपनी पुरानी पहचान व आस्था की ओर लौटना चाहती है। उसका कहना है कि यह फैसला किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और मानसिक शांति के लिए है।
उधर, पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत के आधार पर पति और एक अन्य परिजन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच अधिकारी के अनुसार, सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट, बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह मामला सिर्फ एक घरेलू विवाद नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
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