झारखंड सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा–2023 के सामाजिक विज्ञान कक्षा 6 से 8 के अभ्यर्थियों ने सोमवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय में पहुंचकर विरोध जताया। करीब दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने आयोग से नियमावली–2022 के अनुरूप द्वितीय दस्तावेज सत्यापन सूची जारी करने की मांग की।
रॉ मार्क्स के आधार पर सूची जारी करने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि कई उम्मीदवारों ने निर्धारित उत्तीर्ण प्रतिशत से अधिक रॉ मार्क्स प्राप्त किए हैं, इसके बावजूद उनका नाम दस्तावेज सत्यापन सूची में शामिल नहीं किया गया। उनका दावा है कि वर्तमान में रॉ मार्क्स के आधार पर सफल अभ्यर्थियों की संख्या विज्ञापित पदों की तुलना में काफी कम है।
पद रिक्त रहने की जताई आशंका
अभ्यर्थियों ने बताया कि नियमानुसार पदों के अनुपात में पर्याप्त संख्या में उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाना चाहिए, ताकि योग्य शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि ऐसा नहीं होने पर कई पद रिक्त रह सकते हैं।
पहले भी दी जा चुकी है आपत्ति
अभ्यर्थियों के अनुसार इस विषय पर वे पहले भी आयोग को आवेदन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे उनमें असंतोष और मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर वे अभ्यर्थी जो आयु-सीमा के अंतिम पड़ाव पर हैं।
आयोग से न्यायोचित निर्णय की अपेक्षा
अभ्यर्थियों ने संयुक्त आवेदन के माध्यम से आयोग के सचिव से नियमावली–2022 के अनुरूप रॉ मार्क्स में सफल सभी उम्मीदवारों की दूसरी दस्तावेज सत्यापन सूची शीघ्र जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी और कोई पद खाली नहीं रहेगा।
सचिव के बयान पर नाराजगी
अभ्यर्थी राहुल कुमार और सिकंदर कुमार ने बताया कि जब उन्होंने इस मुद्दे पर दबाव बनाया तो आयोग के सचिव ने हाईकोर्ट जाने की बात कही। इस पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि यदि हर बार परीक्षा के बाद कोर्ट जाना पड़े, तो आयोग की भूमिका पर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है।
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