सहरसा सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रविवार देर रात जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने दल-बल के साथ अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अचानक अधिकारियों के पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की पोल खुलकर सामने आ गई।
जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर, दो ममता स्टाफ और एक ओटी असिस्टेंट अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित पाए गए। एसडीएम ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रसव कक्ष में डॉक्टर की गैरमौजूदगी पर भड़के अधिकारी
निरीक्षण के दौरान एसडीएम के साथ सदर एसडीपीओ आलोक कुमार और सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार भी मौजूद थे। अधिकारियों ने पाया कि रविवार रात होने के कारण मरीजों की संख्या कम थी, लेकिन प्रसव कक्ष जैसे अत्यंत संवेदनशील विभाग में डॉक्टर की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही का मामला है।
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अनुपस्थित कर्मियों को शो-कॉज नोटिस
एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मियों के खिलाफ कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो संबंधित कर्मियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बिचौलियों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में सक्रिय बिचौलियों और संभावित अवैध गतिविधियों को लेकर भी एसडीएम ने कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि मरीजों से किसी भी तरह की अवैध वसूली या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिचौलियों के खिलाफ प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा और अस्पताल प्रबंधन को कार्यसंस्कृति में सुधार की सख्त चेतावनी दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मरीजों को समय पर, बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसडीएम ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे और लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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