कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन और श्रम नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनसे भारतीय छात्रों, पेशेवरों और स्टार्ट-अप संस्थापकों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा के अनुसार, ये बदलाव इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल बनाने, वर्कफोर्स मोबिलिटी बढ़ाने और नए पायलट प्रोग्राम की तैयारी के तहत किए गए हैं।
नई छूट से भारतीय छात्रों को मिलेगा लाभ
कनाडा ने अब मास्टर और पीएचडी छात्रों को स्टडी परमिट के लिए प्रांतीय/क्षेत्रीय एटेस्टेशन लेटर से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इससे छात्रों को आवेदन प्रक्रिया में तेजी मिलेगी और प्रांतीय सीमाओं के कारण समस्याएं कम होंगी। पीएचडी छात्रों के लिए फास्ट-ट्रैक प्रोसेसिंग की सुविधा भी मिलेगी, जिससे उन्हें दो सप्ताह में मंजूरी मिल सकती है।
स्टार्ट-अप वीजा पर असर
कनाडा सरकार ने स्टार्ट-अप वीजा कार्यक्रम के तहत नए परमानेंट रेजिडेंसी आवेदन बंद कर दिए हैं। अब केवल वे आवेदक पात्र होंगे जिन्हें 2025 तक किसी मान्यता प्राप्त संस्था से कमिटमेंट सर्टिफिकेट मिला है।
ओंटारियो में काम के नए अवसर
ओंटारियो प्रांत ने प्रोफेशनल्स के लिए तेज काम की मंजूरी दे दी है। अब दूसरे प्रांतों से प्रमाणित पेशेवरों को 10 कार्यदिवसों के भीतर काम शुरू करने की अनुमति होगी। 50 से ज्यादा रेगुलेटर्स और करीब 300 प्रोफेशनल डेजिग्नेशन शामिल किया गया है। इस बदलाव से भारतीय इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य सेक्टर के पेशेवरों को लाभ होगा।
नए बदलावों के चलते भारतीय प्रवासियों को राहत
कनाडा में अब नियोक्ता नौकरी के विज्ञापनों में कनाडाई अनुभव की शर्त नहीं रख सकेंगे। इससे भारतीय प्रवासियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। हालांकि, अल्बर्टा प्रांत ने रूरल नियमों में सख्ती बढ़ा दी है, जिससे वहां जाने वाले भारतीय आवेदकों को चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
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